बलरामपुर जनपद के ग्राम पंचायत विशुनपुर विश्राम अंतर्गत मसहा गांव के अर्जुन कुमार थारू का चयन असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, क्षेत्र और पूरे थारू समाज में गर्व का माहौल है। अर्जुन कुमार थारू ने अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए ऑल ओवर 239वीं रैंक हासिल की है। सीमित संसाधनों और साधारण परिवेश में पले-बढ़े अर्जुन ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और कठिन परिश्रम से कोई भी बाधा पार की जा सकती है। अर्जुन एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता हरिचरन खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनके बड़े भाई राम कुमार पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। चार बहनों वाले इस परिवार में तीन बहनों की शादी हो चुकी है।अर्जुन की प्रारंभिक शिक्षा कक्षा 1 से 8 तक एकलव्य विद्या निकेतन, विशुनपुर विश्राम में हुई। मेहनत और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य को साधा उन्होंने हाईस्कूल गांधी स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बढ़ईपुरवा से और इंटरमीडिएट की पढ़ाई गोंडा स्थित जयप्रभा से पूरी की। स्नातक (B.A.) बिमला विक्रम महाविद्यालय, पचपेड़वा से किया। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उन्होंने प्रयागराज और दिल्ली जैसे शहरों का रुख किया, जहां उन्होंने लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य को साधा। अर्जुन की सफलता में थारू शिक्षण संस्थान के मार्गदर्शक एवं अधिशाषी अधिकारी अजय प्रताप थारू का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा ने अर्जुन को सही दिशा दी और कठिन समय में हौसला बनाए रखा। सीमावर्ती थारू बाहुल्य गांव से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना अपने आप में एक मिसाल है। अर्जुन की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। ग्रामीणों, क्षेत्रवासियों और समाज के लोगों ने अर्जुन को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी को विश्वास है कि अर्जुन आगे भी अपनी मेहनत और ईमानदारी से समाज और देश का नाम रोशन करते रहेंगे।
किसान के बेटे को ऑल इंडिया मिली 239वीं रैंक:असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हुआ चयन, समाज में खुशी की लहर
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