श्रावस्ती में वन रक्षक पर जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। जनपद के टॉप-10 अपराधी सलीम उर्फ कुद्दुस सहित सात अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने जनपद में गंभीर और चिन्हित अपराधों में प्रभावी तथा समयबद्ध पैरवी सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की गयी थी। मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकारों के समन्वित प्रयासों से इस मामले में दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी। यह मामला थाना कोतवाली भिनगा में पंजीकृत अभियोग से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, ककरदरी वन रेंज क्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ी काट रहे अभियुक्तों को वन रक्षक ने रोका था। इस पर अभियुक्तों ने लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से उन पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस संबंध में धारा 147, 148, 332, 323, 504, 427, 187, 333 एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
वहीं एएसजे/एससी-एसटी एक्ट न्यायालय, श्रावस्ती ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया। टॉप-10 अपराधी सलीम उर्फ कुद्दुस और मंगल को 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और प्रत्येक पर 21,500 का अर्थदंड लगाया गया है। अन्य अभियुक्तों अजय कुमार, सुशील, राजू, राकेश कुमार उर्फ मम्मद और राम प्रताप को 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर ₹9,500 का अर्थदंड से दंडित किया गया है। सभी आरोपी कोतवाली भिनगा क्षेत्र के जानकी नगर के निवासी हैं। पुलिस प्रशासन ने न्यायालय के इस निर्णय को अपराधियों के विरुद्ध एक कठोर संदेश बताया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी गंभीर अपराधों में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन रक्षक पर जानलेवा हमला, न्यायालय सख्त:श्रावस्ती में टॉप-10 अपराधी सलीम समेत सात को सश्रम कारावास, सभी पर जुर्माना भी
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