श्रावस्ती में दवा उपलब्ध कराने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कोतवाली भिनगा पुलिस और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में कुल 5,03,083 रुपये की ठगी का खुलासा किया है। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम मुख्यालय, लखनऊ के आदेश और पुलिस अधीक्षक श्रावस्ती राहुल भाटी के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। कोतवाली भिनगा पुलिस टीम ने वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। प्रभारी निरीक्षक राज प्रकाश सिंह के नेतृत्व में साइबर प्रभारी मनोज यादव और साइबर सेल टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि साइबर ठगी में शामिल आरोपी नेपाल भागने की फिराक में हैं। इस पर पुलिस ने भुजंगा पुल के पास लखाही बेनीनगर जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त प्रत्युष मिश्रा ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में काम करता था और वहीं से मिले डेटा का दुरुपयोग कर लोगों को फोन कर दवा उपलब्ध कराने के बहाने पैसे ठगता था। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में मंगवाई जाती थी, जिसे उसके पिता ओमप्रकाश मिश्रा एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। पुलिस से बचने के लिए वे इस्तेमाल किए गए एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सिम सहित एंड्रॉयड मोबाइल, एक बिना सिम का एंड्रॉयड मोबाइल और एक बिना सिम का कीपैड मोबाइल बरामद किया है। गिरफ्तारी भुजंगा पुल के पास लखाही बेनीनगर जाने वाले मार्ग से की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान ओमप्रकाश मिश्रा और प्रत्युष मिश्रा के रूप में हुई है, जो नऊवा लखाही बेनीनगर के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
दवा दिलाने के नाम पर करते थे साइबर ठगी:पिता-पुत्र गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी
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