सिद्धार्थनगर में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस बार पराली जलाने पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने पराली जलाने पर जुर्माने का प्रावधान भी तय किया है। दो एकड़ से कम क्षेत्र में पराली जलाने पर 2,500 से 5,000 रुपए तक का जुर्माना लगेगा। 2 से 5 एकड़ तक के किसानों पर 10,000 रुपये तक का दंड निर्धारित किया गया है, जबकि पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में पराली जलाने पर 30 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने इस मुद्दे की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पराली जलाना केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह वायु प्रदूषण और जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। इससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है और वातावरण में जहरीली गैसें फैलती हैं, जिसका बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर विशेष रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की जानकारी दें। हैप्पी सीडर और सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इन यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी भी गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। ग्राम प्रधानों, लेखपालों और कृषि कर्मियों की सहायता से किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन ने राजस्व और पुलिस विभाग को भी सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि पराली जलाने की किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सिद्धार्थनगर में पराली जलाने पर लगेगा जुर्माना:2 एकड़ से कम पर 2500-5 हजार रुपए देने पड़ेंगे; डीएम बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं
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