बस्ती। उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम लिमिटेड ने मंगलवार को ‘राप्ती मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र’ पर एक दिवसीय मंडलीय मत्स्य पालक गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें बस्ती मंडल के तीनों जिलों से आए सैकड़ों मत्स्य पालकों ने मछली पालन की नई बारीकियां सीखीं और अपनी समस्याओं का समाधान पाया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं मत्स्य विकास निगम के अध्यक्ष रमाकांत निषाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने मत्स्य पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मछुआरा समाज और मत्स्य पालकों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य पालकों की आय को दोगुना करना है। निषाद ने जोर दिया कि यदि मत्स्य पालक पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक तकनीकों और लाभकारी सरकारी योजनाओं से जुड़ेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। गोष्ठी के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने कम पानी और कम जगह में अधिक उत्पादन देने वाली नई विधियों पर प्रकाश डाला। पालकों को बायोफ्लॉक तकनीक और सर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) के बारे में विस्तार से बताया गया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि इन तकनीकों से लागत कम होती है और मछलियों की मृत्यु दर में भी कमी आती है। इस अवसर पर मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आर.के. श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अधिकारी संदीप वर्मा, प्रमोद कसौधन, विश्वनाथ गौतम, अरविंद कुमार चौधरी, सुभाष चंद्र निरंकारी, बी.एन. सिंह, फैयाज अहमद और धर्मेंद्र कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विनय सिंह ने किया, जिसके अंत में प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से पालकों की शंकाओं का समाधान किया गया।
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बस्ती में मत्स्य पालक गोष्ठी का आयोजन:बोले- आधुनिक तकनीक से बढ़ाएं आय
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