उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुद्रा लोन घोटाले में एक बड़े आरोपी को गिरफ्तार किया है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व ब्रांच मैनेजर नितिन चौधरी (39 वर्ष) को दिल्ली के बसंत विहार (वसंत विहार) शाखा से शनिवार को गिरफ्तार किया गया। नितिन चौधरी लखनऊ में तैनात रह चुके हैं और फर्जी दस्तावेजों तथा जाली पहचान के आधार पर मुद्रा योजना के तहत सैकड़ों करोड़ रुपये के फर्जी लोन मंजूर करने में शामिल थे।
घोटाले का खुलासा
नितिन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने लखनऊ में अपनी पोस्टिंग के दौरान एक गिरोह के साथ मिलकर मुद्रा लोन योजना का दुरुपयोग किया। फर्जी आधार, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए 100 से अधिक फर्जी लोन अकाउंट बनाए गए। लोन की राशि आरोपी और उनके साथियों के खातों में ट्रांसफर कर ली जाती थी। बाद में पीड़ितों को EMI नोटिस आने पर मामला सामने आया।
एक शिकायतकर्ता राज बहादुर गुरुंग ने STF में शिकायत की कि उनके नाम पर बिना जानकारी के दो लोन स्वीकृत कर दिए गए। जांच में यह बड़ा नेटवर्क सामने आया, जिसमें बैंक कर्मचारी, मध्यस्थ और दस्तावेज फर्जी बनाने वाले शामिल थे।
STF की कार्रवाई
STF और लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने नितिन चौधरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपना रोल कबूल किया। उन्होंने बताया कि लखनऊ में तैनाती के दौरान एक वेंडर नावेद से उनकी मुलाकात हुई और दोनों ने मिलकर यह रैकेट चलाया।
इससे पहले STF ने फरवरी 2026 में आमिर एहसान और सितंबर 2025 में गौरव कुमार समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। नितिन चौधरी इस गिरोह का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है।
घोटाले का पैमाना
प्रारंभिक जांच में कई करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। आरोपी फर्जी कंपनियां और शेल एंटिटी बनाकर लोन पास करवाते थे। STF अब डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। अन्य बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच चल रही है।
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