Homeजिला / लोकल (Local News)कॉप-33 की मेजबानी से पीछे हटने पर घिरी सरकार,कांग्रेस ने मांगा जवाब 

कॉप-33 की मेजबानी से पीछे हटने पर घिरी सरकार,कांग्रेस ने मांगा जवाब 


नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भारत द्वारा वर्ष 2028 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज (कॉप 33) की मेजबानी से पीछे हटने के फैसले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक दिसंबर 2023 को दुबई में बड़े जोर-शोर से घोषणा की थी कि भारत कॉप 33 की मेजबानी करेगा, लेकिन अब अचानक इस प्रस्ताव को वापस लेना पेरिस समझौते पर सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करता है।

रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि यह घोषणा 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से की गई थी, जैसे 2024 के चुनाव से पहले नई दिल्ली में जी 20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था। अब बिना किसी स्पष्ट कारण बताए मेजबानी से पीछे हटना सरकार की जलवायु प्रतिबद्धताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय 2015 के पेरिस समझौते के प्रति सरकार की सच्ची प्रतिबद्धता पर संदेह पैदा करता है और अल्पकालिक व मध्यम अवधि के कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों को लेकर सरकार की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। साल 2028 तक जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (आईपीसीसी) की सातवीं आकलन रिपोर्ट प्रकाशित हो सकती है। ऐसे में सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए भारत पर वैश्विक सहमति बनाने का दबाव होता, जिसमें भविष्य के लिए बड़े लक्ष्यों को बढ़ाना भी शामिल होता।

उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र जलवायु फ्रेमवर्क (यूएनएफसीसीसी) के तहत होने वाला कॉप दुनिया का सबसे बड़ा वार्षिक जलवायु सम्मेलन है। इसमें सदस्य देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए रणनीति, लक्ष्य और नीतियों पर चर्चा करते हैं। हर साल यह सम्मेलन किसी एक देश की मेजबानी में होता है और वैश्विक स्तर पर जलवायु कार्रवाई को लेकर अहम फैसले लिए जाते हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments