जसवंतनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद जसवंतनगर स्थित इण्डेन गैस एजेंसी पर नियमों की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बाद डिलीवरी कोड आने पर उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, लेकिन यहां हालात बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें डिलीवरी कोड मिलने के बावजूद इण्डेन गैस एजेंसी तक खुद पहुंचकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है। कामकाजी लोगों को तेज धूप में समय निकालकर एजेंसी पहुंचना मजबूरी बन गया है। इण्डेन गैस एजेंसी परिसर में लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जहां भीड़ इतनी अधिक होती है कि धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन जाती है। बता दें कि सरकार ने स्पष्ट रूप से होम डिलीवरी की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं, तो इण्डेन गैस एजेंसी द्वारा मनमानी क्यों की जा रही है? उपभोक्ताओं का कहना है कि लाइन में लगने के बावजूद यह भी तय नहीं होता कि उसी दिन गैस सिलेंडर मिल पाएगा या नहीं।
उपभोक्ताओं को तहसील कार्यालय में लिखित शिकायत देने की सलाह
जब इस पूरे मामले में पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र सागर से बातचीत की गई तो उन्होंने कोई ठोस समाधान देने के बजाय उपभोक्ताओं को तहसील कार्यालय में लिखित शिकायत देने की सलाह दे दी। इस रवैये से लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर हर व्यक्ति शिकायत लेकर तहसील पहुंचेगा, तो वहां भी अव्यवस्था और भीड़ की स्थिति पैदा हो जाएगी।
समाधान के बजाय पल्ला झाड़ते नजर आ रहे अधिकारी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के बजाय पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि इण्डेन गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच कर तत्काल होम डिलीवरी व्यवस्था को लागू कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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