अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। अक्सर वह बड़ी-बड़ी बातें और धमकी देते हैं। मगर ऐन वक्त पर अपने कदम पीछे खींच लेते हैं। उनके इसी स्वभाव पर इजरायल के एक सांसद ने उन पर कटाक्ष किया। इजरायली सांसद ने एक्स पर लिखा, ‘डोनाल्ड, अगर गोली चलानी ही पड़े तो चलाओ। बक-बक मत करो।’
अब इजरायली सांसद की इस टिप्पणी को ईरान युद्ध से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सभ्यता नष्ट करने की धमकी दी और बाद में अपने कदम पीछे खींच लिए और दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान कर दिया। उनकी इस घोषणा की इजरायल में जमकर आलोचना हुई। यहां तक कि विपक्षी दलों ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को आड़े हाथों लिया और युद्धविराम को रणनीतिक हार बताया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कटाक्ष करने वाले सांसद का नाम ज्विका फोगेल है। वे इटामार बेन ग्वीर की यहूदी पावर पार्टी के सदस्य है। यह पार्टी बेंजामिन नेतन्याहू की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। ज्विका फोगेल इजरायली संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष भी हैं। सेना से लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सेवानिवृत्त है। साल 2012 में यहूदी पावर पार्टी की स्थापना हुई। इसकी गिनती इजरायल की अति रुढ़िवादी दलों में होती है। अरब और वेस्ट बैंक पर संप्रभुता पर इस पार्टी का रुख बेहद कड़ा है।
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अमेरिका ने इजरायल के साथ जब ईरान पर हमला किया था तो उस वक्त ट्रंप को उम्मीद थी कि कुछ हफ्तों में निर्णायक बढ़त मिल जाएगी। हालांकि अमेरिका अपने एक भी मंसूबे पर कामयाब नहीं हुआ। उलटा उसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों न केवल प्रत्यक्ष नुकसान पहुंचाया, बल्कि शांति के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर उनका उनकी इमेज को भी झटका दिया। पूरी लीडरशिप खत्म हो गई, लेकिन तेहरान ने हथियार न डाले। उलटे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके बता दिया कि फारस की खाड़ी का वही असली बदशाह है।
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अमेरिका अब पाकिस्तान की मदद से तेहरान के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि जंग की जगह शांति का कोई मार्ग निकल सके। हालांकि अचानक ईरान के साथ युद्धविराम करने से इजरायली बेहद नाराज है। उनको लगता है कि ईरान इतना कभी कमजोर नहीं हुआ, जितना आज है। यही कारण है कि न केवल बेंजामिन नेतन्याहू, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी खूब आलोचना हो रही है।












