सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप हिंदू धर्म छोड़कर, ईसाई धर्म अपनाते हैं तो आपको आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें यह साफ-साफ कहा गया था कि जो ईसाई धर्म को सक्रिय रूप से मान रहा है, आस्था रख रहा है, उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं दिया जा सकता है।
सु्प्रीम कोर्ट ने कहा, ‘कोई भी व्यक्ति, जो हिंदू, सिख और बौद्ध नहीं है, अगर वह धर्म परिवर्तन करता है, उसे अनुसूचित जाति के का हिस्सा नहीं माना जा सकता है। किसी भी धर्म में जाना, अनुसूचित जाति के दर्जे को तत्काल खत्म करना है।’
















