जमुनहा में ग्राम सचिवों की भारी कमी से पंचायत व्यवस्था चरमरा गई है। यहां 84 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी केवल 15 ग्राम सचिवों पर है, जिससे विकास कार्यों के साथ ही ग्रामीणों के दैनिक जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। ब्लॉक क्षेत्र में बने पंचायत सचिवालय अधिकतर समय बंद रहते हैं। सचिवों की अनुपस्थिति के कारण कई जगहों पर ताले लटके मिलते हैं। पंचायत सहायकों की तैनाती के बावजूद सचिव न होने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा। मल्हीपुर खुर्द समेत कई पंचायतों में सचिवालय नियमित रूप से नहीं खुल रहे हैं। ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई बार पूरा दिन बीत जाने के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता। एक सचिव पर कई पंचायतों का बोझ स्थिति यह है कि एक-एक सचिव को कई ग्राम पंचायतों का प्रभार दिया गया है। मकरंद वर्मा और रामचंद्र सिंह के पास 9-9 पंचायतें हैं, जबकि सुनील कुमार और इंद्रमणि पांडेय 8-8 पंचायतों का काम देख रहे हैं। अन्य सचिवों पर भी 2 से 6 पंचायतों की जिम्मेदारी है, जिससे समय पर कार्य निपटाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, खंड विकास अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सचिवों की कमी के चलते उपलब्ध स्टाफ के आधार पर क्लस्टर बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंचायत सहायकों के माध्यम से काम कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जमुनहा में 15 सचिवों पर 84 पंचायतों की जिम्मेदारी:क्लस्टर बनाकर कराया जा रहा काम, सचिवालय का चक्कर लगा रहे ग्रामीण
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