नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच घोषित संघर्ष विराम का भारत ने स्वागत किया है। केंद्र सरकार ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई है कि यह पहल क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ेगी। साथ ही भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने या देश छोड़ने की सलाह भी जारी की है।
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि भारत युद्धविराम का स्वागत करता है और आशा करता है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। मंत्रालय ने दोहराया कि मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है। भारत ने स्पष्ट किया कि इस टकराव ने पहले ही आम लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा है।
बयान में विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए कहा गया कि वहां से निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार का सुचारू संचालन बेहद जरूरी है। यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके बाधित होने से पूरी दुनिया प्रभावित होती है।
इधर, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी एक बार फिर एडवाइजरी जारी कर ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से तत्काल देश छोड़ने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए सभी भारतीय नागरिक दूतावास के संपर्क में रहें और सुझाए गए सुरक्षित मार्गों का उपयोग करते हुए यथाशीघ्र ईरान से बाहर निकल जाएं। इससे पहले भी 7 अप्रैल को इसी तरह की सलाह जारी की गई थी।












