इजरायल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। लेबनान की मीडिया के मुताबिक बिंत जबील शहर में हिजबुल्लाह के लड़ाकों और इजरायली सेना के बीच भयंकर युद्ध छिड़ा है। हालिया हमलों में जानमाल की बहुत ज्यादा हानि हुई है। लेबनान के स्वास्थय मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी देते हुए कहा कि इजराइल और हिजबुल्ला के बीच जारी इस युद्ध में इजराइली हमलों के कारण लेबनान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,020 हो गई है।
मंत्रालय ने बताया कि लगभग छह सप्ताह से जारी युद्ध में मरने वालों में 248 महिलाएं, 165 बच्चे और 85 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 6,436 लोग घायल हुए हैं, जबकि पिछले 24 घंटों में लगभग 100 लोग मारे गए हैं। लेबनान को अब तक इस युद्ध में काफी ज्यादा नुकसान हो चुका है।
यह भी पढ़ें: ‘वतन के लिए मरना ही जीना है…’, अमेरिका से यह कहने पर क्यों मजबूर हुआ क्यूबा?
2 मार्च से गहराया संघर्ष
इजरायल और लेबनान के बीच वैसे तो संघर्ष बहुत पुराना है लेकिन हालिया संघर्ष 28 फरवरी के बाद शुरू हुआ है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर मिलकर हमला कर दिया। इस हमले के तुरंत बाद हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमले तेज कर दिए। इसके जवाब में इजरायल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इसके अलावा जमीनी स्तर पर भी अभियान शुरू किए गए। इन हमलों में दोनों तरफ जानमाल की भागरी हानि हुई और पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया।
लेबनान को लेकर टकराव
ईरान समर्थित लेबनानी आतंकवादी समूह ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के प्रतिशोध में दो मार्च को इजराइल पर मिसाइलें दागीं। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच एक महीने से ज्यादा चले संघर्ष के बाद पाकिस्तान की मध्यस्था के बाद युद्ध विराम पर सहमति बनी। भले ही यह युद्ध विराम अस्थायी हो। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से जानकारी दी गई थी कि इस युद्ध विराम का हिस्सा लेबनान नहीं है लेकिन ईरान ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद फिर विवाद हुआ।
यह भी पढ़ें: बलूचिस्तान में बाइक सवार बंदूकधारियों ने की गोलीबारी, 2 की मौत
ईरान ने लेबनान का साथ देने की बात कही
इजरायल ने जब लेबनान पर हमले जारी रखे तो ईरान ने इसकी निंदा की और इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा कि लेबनान पर लगातार इजरायल के हमले युद्धविराम समझौते का घोर उल्लंघन करते हैं। इन हमलों के जारी रहने से बातचीत अधूरी निरर्थक रह जाएगी। हम ट्रिगर पर हाथ रखे रहेंगे और ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा।












