शक्तिपीठ मंदिर देवीपाटन से पीर रतन नाथ योगी की महायात्रा रविवार दोपहर लगभग 3:00 बजे नेपाल के लिए रवाना हुई। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यह यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विदा की गई। मध्य रात्रि में मां पाटेश्वरी जी का विशेष पूजन-अर्चन किया गया, जिसमें नेपाल से आए संत और पुजारी उपस्थित रहे। महायात्रा के प्रस्थान से पूर्व देवीपाटन पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी महाराज ने नेपाल से आए संतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से पीर रतन नाथ योगी और मां पाटेश्वरी जी के जयकारे लगा रहे थे। यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। यह प्राचीन परंपरा युगों से चली आ रही है। इसके तहत, चैत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि को नेपाल के डांग चौकड़ा स्थित रतन नाथ मंदिर से पीर रतन नाथ योगी की यात्रा शक्तिपीठ देवीपाटन पहुंचती है। यहां पांच दिनों तक नेपाली पुजारी मंदिर की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्रि की विशेष साधना और अनुष्ठानों के बाद यात्रा पुनः नेपाल के लिए प्रस्थान करती है। यह परंपरा भारत-नेपाल की धार्मिक एवं सांस्कृतिक एकता का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि पीर रतन नाथ योगी और मां पाटेश्वरी देवी की कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। यह महायात्रा दोनों देशों के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक संबंधों को भी सुदृढ़ करती है। इस अवसर पर मंदिर सेवादार अरुण गुप्ता, रितेश दुबे, स्वामी दयाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भक्ति भाव के साथ यात्रा को विदाई दी।
पीर रतन नाथ योगी की महायात्रा नेपाल रवाना:बलरामपुर में शक्तिपीठ देवीपाटन से कड़ी सुरक्षा के बीच विदाई
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