मुंबई में महाराष्ट्र के गृहनिर्माण विभाग द्वारा लागू की गई समूह पुनर्विकास योजना (क्लस्टर रिडेवलपमेंट) को पूरे देश में लागू किया जाए, ऐसी मांग शिवसेना के सांसद मिलिंद देवरा ने आज राज्यसभा में की। उन्होंने कहा कि मुंबई का क्लस्टर रिडेवलपमेंट एक स्थायी और सफल पुनर्विकास मॉडल है। इसके जरिए देश के करोड़ों गरीब नागरिकों को अपना हक का घर मिल सकता है। इस योजना से लोगों को सुरक्षित और बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी, ऐसा विश्वास भी उन्होंने जताया। (Milind Deora strongly demands implementation of Mumbai‘s cluster redevelopment plan across the country in Rajya Sabha)
अगर यह योजना पूरे देश में लागू की जाए, तो आम और मेहनतकश लोगों को अपना हक का घर मिलने में मदद
मुंबई में सफलतापूर्वक लागू की जा रही किफायती आवास योजना के जरिए होने वाले स्थायी विकास पर सांसद मिलिंद देवरा ने राज्यसभा में अपने विचार रखे। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे को का अभिंनदन करते हुए कहा कि अगर यह योजना पूरे देश में लागू की जाए, तो आम और मेहनतकश लोगों को अपना हक का घर मिलने में मदद होगी।
सांसद देवरा ने आगे कहा कि भारत की करीब एक-तिहाई आबादी शहरों में रहती है और शहर देश की जीडीपी में लगभग दो-तिहाई योगदान देते हैं। साल २०३० तक यह योगदान तीन-चौथाई तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण भारत के लिए एक बड़ा अवसर है।
उन्होंने बताया कि संविधान में हुए बदलावों के बाद नगर निगमों को विकास के ज्यादा अधिकार मिले हैं। दुनिया के बड़े देशों जैसे अमेरिका और चीन में शहरों के बीच विकास को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होती है। उसी तरह भारत में भी राज्यों के साथ-साथ शहरों के बीच अच्छी प्रतिस्पर्धा होना जरूरी है। इसके लिए सरकार की नीतियों में शहरी सुधार को केंद्र में रखना चाहिए। डिजिटल सेवाएं, समय पर मिलने वाली मंजूरी और सभी शुल्कों में पारदर्शिता जरूरी है। जो शहर सुधार के काम में आगे बढ़ेंगे, उनका सम्मान भी किया जाना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा।
सफल शहरीकरण के लिए किफायती आवास बहुत महत्वपूर्ण है और इसमें विकास की बड़ी संभावनाएं हैं, ऐसा सांसद मिलिंद देवरा ने कहा। उन्होंने आगे बताया कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार के तहत मुंबई में रमाबाई आंबेडकर नगर से कामाठीपुरा और धारावी से भेंडी बाजार तक क्लस्टर रिडेवलपमेंट के माध्यम से आवास क्षेत्र में बड़ा बदलाव हो रहा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में गृहनिर्माण विभाग झोपड़पट्टी और चॉल में रहने वाले हजारों वंचित लोगों को उसी जगह पर समूह पुनर्विकास के जरिए पक्के और सुविधाजनक घर दे रहा है।
झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) ने १९९५ से अब तक करीब ढाई लाख परिवारों को उनका हक का घर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के गृहनिर्माण और शहरी कार्य मंत्रालय को मुंबई की इस समूह पुनर्विकास योजना का अध्ययन करना चाहिए।
मुंबई का यह मॉडल स्थायी शहरी विकास के लिए पूरे देश में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस योजना को केंद्र सरकार के सामने प्रस्तुत करेंगे। अगर यह योजना देशभर में लागू होती है, तो आम और मेहनतकश लोगों को अपना घर पाने में बड़ी मदद मिलेगी, ऐसा विश्वास सांसद देवरा ने जताया।
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