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राप्ती किनारे बसे 11 गांवों पर खतरा:मानसून से पहले तटबंध निर्माण की मांग, नदी की भीं सफाई हो


मानसून के आगमन से पहले राप्ती नदी के किनारे बसे 11 गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। वर्ष 2025 की बाढ़ और कटान का दंश झेल चुके कथरामाफी, घाटेपुरवा और वीरपुर समेत कई गांव एक बार फिर संभावित खतरे की जद में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी की मुख्य धारा में जमी रेत और झाड़ियों की सफाई कराने तथा कथरामाफी से मधवापुर घाट तक लगभग पांच किलोमीटर लंबे तटबंध के निर्माण की मांग की है। नेपाल से निकलकर तराई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली राप्ती नदी ने पिछले वर्ष जमुनहा तहसील क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। सैकड़ों बीघा फसलें नदी में समा गई थीं, जबकि 40 बीघा से अधिक बाग भी कटान की चपेट में आ गए थे। भिनगा-मल्हीपुर मार्ग भी नदी की तेज धारा से क्षतिग्रस्त हो गया था, जो अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हो सका है। कटान रोकने के लिए पिछले वर्ष घाटेपुरवा के पास बांस के पिंजरों में बोरी भरकर अस्थायी उपाय किए गए थे, लेकिन वे भी नदी की तेज धारा में बह गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कथरामाफी से मधवापुर घाट तक तटबंध बना दिया जाए, तो घाटेपुरवा, कथरामाफी, वीरपुर, हसनापुर, बरंगा, सलारूपुरवा, लौकिहा प्रथम, लौकिहा द्वितीय, लौकिहा तृतीय, शिकारी चौड़ा और हरिहरपुर जैसे गांव सुरक्षित हो सकते हैं। ग्रामीण राधेश्याम यादव ने बताया कि हर साल कटान का खतरा बना रहता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। वहीं वीरपुर निवासी भल्लर ने कहा कि बाढ़ का पानी मल्हीपुर स्थित जमुनहा ब्लॉक, तहसील कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच जाता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि नदी की धारा में जमी रेत और झाड़ियों को हटाया जाए, क्योंकि इनके कारण पानी किनारों की ओर मुड़कर कटान को बढ़ावा देता है। उनका कहना है कि अन्य क्षेत्रों की तरह यहां भी मजबूत तटबंध और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की सख्त जरूरत है।

24 घंटे में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली से 24 लोगों की मौत, आर्थिक मदद की घोषणा

पटना। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सोमवार शाम से देर रात तक तेज आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 07 बच्चों समेत कुल 24 लोगों की मौत हो गई।

मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटे बेहद संवेदनशील बताए हैं। राज्य सरकार ने मृतक आश्रित परिवारों को तुरंत 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा गयाजी में 6 लोगों जान गई है। वहीं, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण में भी 6 लोगों की मौत हुई है।

बीते सोमवार को देर शाम अचानक मौसम ने भयावह रूप ले लिया। आसमान काले बादलों से घिर गया। तेज आंधी और बारिश ने जमकर तबाही मचाई। राज्यभर में बिजली गिरने और पेड़ गिरने से 24 लोगों की मौत हो गई।

किस जिले में कितनी मौत
पटना जिले के बाढ़ में पेड़ और दीवार गिरने से 2 की मौत
पूर्वी चंपारण में 06 लोगों की मौत
गयाजी में 06 की मौत

औरंगाबाद में व्रजपात से 03 की मौत
रोहतास जिले में 01 की मौत
वैशाली के लालगंज में एक महिला और संदेश थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत

सीतामढ़ी में 02 महिला की मौत
नालंदा में पेड़ टूटने से 02 की मौत।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आकाशीय बिजली व आंधी-तूफान से हुई मौत पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने मृतक आश्रित परिवारों को तुरंत 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए।

मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटे बेहद संवेदनशील बताए हैं। मंगलवार को 18 जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर और अरवल में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पटना समेत 10 जिलों में रेड अलर्ट लागू है।

इससे पहले, पटना में 39 मिलीमीटर और गया में सबसे अधिक 47 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वाल्मीकि नगर में 26.2 मिमी, मोतिहारी में 22.3 मिमी और समस्तीपुर में 19.5 मिमी, छपरा में 6.4 मिमी, डेहरी में 1.8 मिमी, बक्सर में 14.5 मिमी, समस्तीपुर के पूसा में 19.5 मिमी एवं अरवल में पांच मिमी वर्षा दर्ज की गई।

 

जिस किताब पर SC ने बैन लगाया था, क्या बदलकर उसे जारी कर रही NCERT?

सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका को लेकर जोड़े गए एक विवादित चैप्टर को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। अब इस किताब को बदलाव करके फिर से जारी किया जाएगा। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, किताब का नया संस्करण तैयार कर लिया गया है और इसे एक हफ्ते के भीतर जारी किया जा सकता है। न्यायपालिका से जुड़े विवादित चैप्टर को जोड़ने से यह किताब विवादों का केंद्र बन गई थी।

इस किताब के दूसरे भाग ‘Exploring Society: India and Beyond’ में न्यायपालिका से संबंधित एक चैप्टर शामिल किया गया था। यही चैप्टर विवाद का मुख्य कारण बना था। इस चैप्टर में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, मामलों का लंबा लंबित रहना और जजों की कमी जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया था। इस चैप्टर पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और पूरे देश में इस किताब के पब्लिश करने, बांटने या बेचने और डिजिटल रूप में शेयर करने पर रोक लगा दी थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाया था बैन?

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत संज्ञान लिया खा। इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किताब में शामिल कंटेट न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है और इससे छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। कोर्ट ने इसे गंभीर मामला मानते हुए सभी इस किताब की कॉपी को जब्त करने और ऑनलाइन सामग्री हटाने का आदेश दिया था। मार्केट में जा चुकी सारी कॉपी वापिस मंगवाई गई और जिन्हें खरीदा जा चुका था उन्हें भी ढूंढने का प्रयास किया गया।

NCERT ने मानी गलती

इस पूरे मामले में विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने किताब को बाजार से वापस ले लिया था और वितरण पर रोक लगा दी थी। NCERT ने यह भी माना कि इस मामले में जजमेंट में गलती हुई है और इस कारण किताब को वापस लेने का फैसला किया गया। NCERT काउंटर से इस किताब की कुल 38 कॉपियां बेची गई थीं। कोर्ट की टिप्पणी के बाद खरीदारों को फोन करके किताब वापस करने के लिए कहा गया।

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जल्द मिलेगा नया संस्करण

अब NCERT ने इस किताब के विवादित हिस्सों की समीक्षा की है और नए सिरे से संशोधित संस्करण तैयार किया गया है। न्यायपालिका से जुडा चैप्टर हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स की मदद से किताब के कंटेट में बदलाव किए गए हैं ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि संशोधित किताब को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद प्रिंटिंग शुरू की जाएगी और इसे एक हफ्ते के भीतर जारी किया जा सकता है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद छात्रों को इस किताब का इंतजार था। इसलिए NCERT इसे जल्द उपलब्ध कराने की तैयारीकर रही है।

श्रावस्ती के किसान उदय राज साहू ने जीता फ्रिज:दैनिक भास्कर ऐप पर डेली खबरें पढ़ीं, क्विज में किया पार्टिसिपेट, बोले- लकी विनर बनकर खुशी हुई


श्रावस्ती के गिलौला ब्लॉक क्षेत्र के पचदेवरी गांव निवासी किसान उदय राज साहू ने दैनिक भास्कर न्यूज ऐप पर आयोजित एक क्विज में फ्रिज जीता है। मोबाइल पर क्विज खेलने के बाद उन्हें दैनिक भास्कर की ओर से विजेता घोषित किया गया, जिससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उदय राज नियमित रूप से खबरें पढ़ने के शौकीन हैं और इसी रुचि के चलते उन्होंने दैनिक भास्कर ऐप डाउनलोड किया था। उदय राज के अनुसार, ऐप पर प्रतिदिन तीन सवालों का एक क्विज चलता था, जिसमें वह उत्साहपूर्वक भाग लेते थे। उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि वह विजेता बन सकते हैं। एक दिन अचानक दैनिक भास्कर से फोन आया और उन्हें फ्रिज जीतने की सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि वह ऐप पर विशेष रूप से क्रिकेट से जुड़ी खबरें पढ़ते थे। इसके अलावा, उन्हें एक ही प्लेटफॉर्म पर स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें भी आसानी से मिल जाती थीं। उदय राज ने दैनिक भास्कर को एक विश्वसनीय और उत्कृष्ट समाचार प्लेटफॉर्म बताया। पेशे से किसान उदय राज साहू के परिवार में उनकी मां, पत्नी और पांच बच्चे शामिल हैं। उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें से दो बेटियां और एक बेटा पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि दो बेटे अभी छोटे हैं। पिता के न होने के बावजूद उदय राज पूरे परिवार की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रहे हैं। विजेता बनने के बाद उदय राज साहू ने दैनिक भास्कर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी विश्वास नहीं था कि वह इस क्विज में जीत हासिल कर पाएंगे। उदय राज ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी पहल आम लोगों को खबरों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें प्रोत्साहित भी करती है।

रूपईडीहा में मंदबुद्धि युवक को दबंगों ने पीटा:मामूली कहासुनी पर विवाद, परिजनों ने दर्ज कराई एफआईआर


रूपईडीहा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कल्यानपुर के मजरा रायपुर में एक मंदबुद्धि युवक को कुछ दबंगों ने लाठी-डंडों से पीटकर लहूलुहान कर दिया। यह घटना मामूली कहासुनी के बाद हुई। पीड़ित युवक का नाम अर्घू बताया जा रहा है। जब घायल के परिजन उसे बचाने पहुंचे, तो दबंगों ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी। परिजन घायल अवस्था में मंदबुद्धि युवक को लेकर रूपईडीहा थाने पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में तहरीर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि उन्हें इस संबंध में एक तहरीर मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

पीएनबी का चौथी तिमाही का मुनाफा 14.4 फीसदी बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने वित्त वर्ष 2025-26 की (जनवरी-मार्च) चौथी तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया है।

31 मार्च को समाप्त चौथी तिमाही में पीएनबी का मुनाफा सालाना आधार पर 14.4 फीसदी बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में बैंक का मुनाफा 4,567 करोड़ रुपये रहा था।

पीएनबी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक की कुल आय घटकर 36,319 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 36,705 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक की ब्याज आय 31,989 करोड़ रुपये से बढ़कर 32,157 करोड़ रुपये हो गई।

बैंक ने बताया कि संपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर पीएनबी की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) सकल अग्रिमों की 2.95 फीसदी रहीं, जो मार्च 2025 के अंत में 3.95 फीसदी थीं। बैंक का शुद्ध एनपीए भी 0.4 फीसदी से घटकर 0.29 फीसदी हो गए।

इसके अलावा बैंक के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर तीन रुपये के लाभांश की भी सिफारिश की है, जो बैंक की आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।

 

 

सिद्धार्थनगर के कठेला कोठी चौराहे पर जल-जमाव:हल्की बारिश में तालाब बना चौराहा, स्थानीय लोग परेशान


सिद्धार्थनगर जिले के इटवा विकास खंड स्थित प्रसिद्ध कठेला कोठी चौराहे पर जल-जमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हल्की बारिश होते ही पूरा चौराहा तालाब में बदल जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों, राहगीरों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह चौराहा क्षेत्र का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। वर्तमान में चौराहे की सड़कें घुटने तक पानी और कीचड़ से भरी हुई हैं। नालियों की नियमित सफाई न होने और अतिक्रमण के कारण पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। कीचड़ से बचते हुए निकलने के प्रयास में राहगीर अक्सर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। स्कूली बच्चों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाई हो रही है। सड़क पर हफ्तों से जमा गंदे पानी के कारण चौराहे के व्यापारियों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दुकानों के सामने जल-जमाव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी बिक्री में भारी गिरावट आई है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि दुकानों के सामने बदबूदार पानी जमा रहने से दिनभर बैठना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। ठहरे हुए गंदे पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल पक्की नाली निर्माण कराने और पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करने की मांग की है।

हरियाणा के केएमपी एक्सप्रेस वे हादसे में उप्र पुलिस के पांच जवानों की मौत

चंडीगढ़। हरियाणा के कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस(केएमपी)वे पर नूंह के निकट मंगलवार को हुए सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के पांच पुलिस कर्मियों की मौत हो गई। नूंह पुलिस ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश पुलिस को सूचित कर दिया है।

मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हुई है। नूंह जिले के तावड़ू थाना प्रभारी शीशराम यादव के अनुसार हादसा धुलावट टोल प्लाज़ा के पास सुबह करीब 10:30 बजे हुआ।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुँचीं और बचाव अभियान शुरू कर दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार उत्तर प्रदेश के जालौन ज़िले में तैनात ये जवान एक महिंद्रा स्कॉर्पियो में सवार होकर पलवल की ओर जा रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टोल प्लाज़ा के पास चालक ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। तेज़ रफ़्तार के कारण वह गाड़ी पर से नियंत्रण खो बैठा और आगे चल रहे एक वाहन से जा टकराया।

टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि एसयूवी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद शवों को गाड़ी से निकाला।

थाना प्रभारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में जालौन के एसपी को इस घटना की सूचना दे दी गई है। शवों को कब्जे में लेकर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

 

10वीं बार MLA बने के.ए. सेनगोट्टैयन, TVK के टिकट पर…

गोबिचेट्टीपालयम (तमिलनाडु): तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में गोबिचेट्टीपालयम सीट से के.ए. सेनगोट्टैयन ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है। टीवीके (तमिलागा वेट्री कझगम) के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्होंने लगातार 10वीं बार विधायक बनकर इतिहास रच दिया है। इस जीत ने पूरे सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।

78 वर्षीय सेनगोट्टैयन तमिलनाडु की राजनीति के दिग्गज नेता माने जाते हैं। वे लंबे समय तक एआईएडीएमके में सक्रिय रहे और गोबिचेट्टीपालयम सीट पर कई बार जीत हासिल कर चुके हैं। हाल ही में पार्टी छोड़कर टीवीके में शामिल होने के बाद इस सीट पर उनकी जीत को उनकी लोकप्रियता और व्यक्तिगत छवि का प्रमाण माना जा रहा है।

पुरानी सीट पर लगातार 10वीं जीत

गोबिचेट्टीपालयम विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से सेनगोट्टैयन का गढ़ रहा है। उन्होंने 1980 से लेकर अब तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कई बार किया है। इस बार टीवीके के टिकट पर मैदान में उतरने के बावजूद उन्होंने अपनी पकड़ बनाए रखी और भारी मतों से जीत हासिल की।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सेनगोट्टैयन की जीत टीवीके के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। पार्टी के संस्थापक विजय के नेतृत्व में यह पहला बड़ा चुनाव था और गोबिचेट्टीपालयम में मिली सफलता पार्टी के भविष्य के लिए अच्छा संकेत मानी जा रही है।

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राजनीतिक करियर का नया अध्याय

के.ए. सेनगोट्टैयन एआईएडीएमके में मंत्री रह चुके हैं और कई बार विधायक चुने गए। 2025 में पार्टी से निष्कासित होने के बाद उन्होंने टीवीके जॉइन किया। गोबिचेट्टीपालयम में उनकी जीत को व्यक्तिगत लोकप्रियता की जीत बताया जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र के मतदाताओं ने पार्टी के बजाय उनके नाम पर वोट किया।

सेनगोट्टैयन ने 10वीं पास होने के बावजूद लंबे राजनीतिक अनुभव के बल पर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उनकी जीत पर टीवीके कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।

मिलनाडु चुनाव में अहम नतीजा

यह जीत तमिलनाडु की सियासी दिशा को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गोबिचेट्टीपालयम जैसी पारंपरिक एआईएडीएमके सीट पर टीवीके के उम्मीदवार की जीत ने दलों के बीच शक्ति संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

सेनगोट्टैयन की इस उपलब्धि पर पार्टी नेतृत्व और समर्थकों ने बधाई देते हुए इसे “इतिहास” करार दिया है। अब देखना यह होगा कि टीवीके इस जीत के साथ आगे कितनी सीटें हासिल कर पाती है और तमिलनाडु की राजनीति में कितना बड़ा बदलाव ला पाती है।

के.ए. सेनगोट्टैयन की यह 10वीं जीत न सिर्फ उनके राजनीतिक लंबे सफर की मिसाल है, बल्कि मतदाताओं की निष्ठा और क्षेत्रीय नेतृत्व की ताकत को भी दर्शाती है।

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नेपाल में ट्रैक्टर से कुचलकर दो सगे भाइयों की मौत:तीसरे की हालत गंभीर; पोस्टमॉर्टम के बाद सुजौली पहुंचा शव


सुजौली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कारीकोट के हजारी पुरवा गांव के तीन युवक नेपाल के धनगढ़ी स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गए थे, जहां दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। मिट्टी को सांचे में ढालने के दौरान एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में पवन (19) पुत्र भीम और अजय कुमार (20) पुत्र अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों मृतक आपस में सगे भाई थे, जबकि घायल युवक उनका पड़ोसी है। घटना में घायल घूरे (17) पुत्र भीम का इलाज नेपाल के धनगढ़ी में ही चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों के शव का नेपाल में ही पोस्टमार्टम कर मंगलवार को उनके पैतृक गांव भेज दिया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचे, परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

छत्तीसगढ़: जिले के केंद्रीय सहकारी बैंक में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच करेगी ईडी

अंबिकापुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की विभिन्न शाखाओं में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुरू कर दी है।

इस घोटाले का खुलासा पिछले साल मई 2025 में ऑडिट के दौरान हुआ था, जिसके बाद 31 मई 2025 को बैंक मैनेजर सहित 4 बड़े अधिकारियों को बर्खास्त किया गया था।

शनिवार को ही बैंक के सीईओ ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि घोटाले से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज ईडी की टीम को सौंप दिए गए हैं और मनी लॉन्ड्रिंग की आधिकारिक जांच शुरू हो चुकी है। सहकारी बैंक के सीईओ ने इसकी पुष्टि की है।

उल्लेखनीय है कि तत्कालीन कलेक्टर विलास भोस्कर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जून 2025 के दौरान राज्य शासन के माध्यम से ईडी और सीबीआई से जांच कराने हेतु प्रमुख सचिव को पत्र लिखा था।

कलेक्टर की रिपोर्ट और सिफारिश के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने औपचारिक रूप से प्रवर्तन निदेशालय को जांच के लिए पत्र भेजा।

राज्य शासन के अनुरोध पर प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के लिए अपनी मंजूरी दी और अब रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने इसकी पूरी फाइलें मंगा ली हैं। सरगुजा सहकारी बैंक घोटाले में 4 मई 2026 को आई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने अब इस मामले की कमान पूरी तरह संभाल ली है।

एजेंसी अब मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि गबन किए गए ₹28 करोड़ को कहां निवेश किया गया और किन संपत्तियों में बदला गया।

मुख्य घोटाले के बीच ही सरगुजा के केरजू सहकारी समिति में एक और नया फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहाँ 127 किसानों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर ₹1.93 करोड़ का लोन निकाला गया है।

बैंक में घोटाला करीब एक साल पहले सामने आया था, जब तत्कालीन सरगुजा कलेक्टर, विलास भोस्कर ने बैंक की शंकरगढ़ और कुसमी ब्रांचों के खातों की जांच करवाई थी। जांच में करीब 28 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई थी।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, शंकरगढ़ शाखा के बैंक मैनेजर अशोक कुमार सोनी ने बैंक में फर्जी खाते खोलकर बड़ी मात्रा में पैसे की हेराफेरी की।

इन फर्जी खातों से नकद राशि की निकासी के अलावा कई ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए गए। इस घोटाले में किसानों के केसीसी फंड, मनरेगा खातों और ग्राम पंचायतों की राशि का दुरुपयोग किया गया।

इस मामले में बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, पुलिस ने पहले ही बैंक मैनेजर अशोक सोनी सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया था।

इनमें से 4 बैंक अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि 3 कर्मचारी घोटाला उजागर होने से पहले रिटायर हो चुके थे। सहकारी बैंक के सीईओ श्रीकांत चंद्राकर ने बताया कि ईडी की टीम अभी तक सरगुजा नहीं आई है, लेकिन उन्होंने जांच से संबंधित सभी रिपोर्ट शनिवार को भेज दी हैं।

 

बिशुनपुर मुस्तहकम के स्कूल में 7 महीने से खराब हैंडपंप:चबूतरा भी गायब, गर्मी में बच्चों को हो रही परेशानी


खेसरहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिशुनपुर मुस्तहकम स्थित कंपोजिट विद्यालय बिशुनपुर मुस्तहकम में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विद्यालय में लगे दो हैंडपंपों में से एक पिछले 7–8 महीनों से खराब पड़ा है, वहीं उसका चबूतरा भी पूरी तरह नष्ट हो चुका है। विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। भीषण गर्मी में पानी की जरूरत बढ़ने के बावजूद हैंडपंप खराब होने से बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कभी उन्हें दूसरे हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता है, तो कभी बाहर से पानी लाना पड़ता है। इससे पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और गंदगी व जलभराव के कारण संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी साफ नजर आ रही है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहन कसौधन ने बताया कि हैंडपंप खराब होने और चबूतरा न होने की जानकारी मिली है। इसे जल्द ठीक कराने और नया चबूतरा बनवाने के लिए संबंधित विभाग को सूचित किया गया है। वहीं प्रधानाध्यापक नीरज मिश्रा ने कहा कि समस्या की सूचना कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। उन्होंने बच्चों की सुविधा को देखते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

मेट गाला 2026 में भारतीय सितारों का जलवा, संस्कृति और परंपरा का खूबसूरत संगम पेश

फैशन की दुनिया के सबसे बड़े मंच मेट गाला 2026 का आगाज न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में भव्य अंदाज में हुआ, जहां भारतीय सितारों ने अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज कराई।

करण जौहर और ईशा अंबानी ने अपने अनोखे लुक से सभी का ध्यान खींचा। इस साल की थीम ‘फैशन कला है’ के तहत सितारों ने संस्कृति और परंपरा का खूबसूरत संगम पेश किया।

‘मेट गाला’ में डेब्यू कर रहे करण जौहर ने ‘फ्रेम्ड इन एटर्निटी’ नाम का खास आउटफिट चुना, जिसे मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने तैयार किया था।

पावर-शोल्डर्ड विंटेज जैकेट, लंबा ट्रेल और मल्टी-जेमस्टोन नेकलेस के साथ उनका लुक दिग्गज चित्रकार राजा रवि वर्मा की कला से प्रेरित था। रेड कार्पेट पर हाथ जोड़कर उन्होंने भारतीय परंपरा को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया, जो दर्शकों को खूब पसंद आया।

वहीं ईशा अंबानी सुनहरी साड़ी में बेहद आकर्षक नजर आईं, जिसे डिजाइनर गौरव गुप्ता ने तैयार किया था। इस साड़ी में स्वदेशी कारीगरों द्वारा सोने के धागों से बारीक कढ़ाई की गई थी और इसमें 1,800 कैरेट हीरों के साथ एक खास केप भी शामिल था।

इसके अलावा मनीष मल्होत्रा और अनन्या बिरला ने भी अपने अनोखे अंदाज से रेड कार्पेट पर छाप छोड़ी, जिससे इस बार मेट गाला में भारतीय फैशन का प्रभाव साफ नजर आया।

 

नहर कटने से खेतों में घुसा पानी:परसा जागीर में अगली बुवाई में होगी परेशानी, किसानों ने की मरम्मत की मांग

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परसा जागीर क्षेत्र में नहर कटने से जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। कुछ ग्रामीणों की लापरवाही के चलते नहर क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पानी अनियंत्रित रूप से बहकर आसपास के खेतों में फैल गया। हालांकि, इस समय खेत खाली हैं, लेकिन जलभराव के कारण किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। खेतों में पानी भरने से जमीन की गुणवत्ता प्रभावित होने और अगली बुवाई में दिक्कत आने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण दीनदयाल यादव, जयकरण यादव, दुर्बल यादव, दुश्यंत पांडेय, सुबकरन यादव और नेबुलाल ने प्रशासन को मामले से अवगत कराते हुए जल्द मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नहर को ठीक नहीं कराया गया, तो आगे बड़ा नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने पानी के बहाव को नियंत्रित करने और नहर की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि खेती को होने वाले संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
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बहराइच में सियार का हमला, भाई-बहन घायल:तालाब किनारे खेल रहा था, ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े


बहराइच जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित बनियाहारी गांव में एक सियार ने तालाब किनारे खेल रहे दो मासूम बच्चों पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के पहुंचने पर सियार भाग गया। घायल बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। श्रावस्ती जनपद के रहने वाले सरवन गुप्ता (7 वर्ष) और उनकी बहन मुस्कान (11 वर्ष) अपने नाना उजलाल के यहां बनियाहारी गांव घूमने आए थे। मंगलवार को वे घर से कुछ दूरी पर स्थित तालाब के किनारे खेल रहे थे, तभी अचानक एक सियार ने उन पर हमला कर दिया। बच्चों की चीख सुनकर तालाब के किनारे मछली पकड़ रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़े। ग्रामीणों को आता देख सियार उन्हें छोड़कर भाग गया। हमले में दोनों बच्चों के सिर में गहरे घाव हुए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।