श्रावस्ती में SIR के बाद 1,00,396 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। लगभग 166 दिनों तक चले इस अभियान के अंतिम प्रकाशन के बाद जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर चुनावी समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद इसकी हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों और प्रतिनिधियों को सौंप दी गई है। आंकड़ों के अनुसार, अभियान से पहले जिले में कुल 8,17,848 मतदाता थे। यह संख्या अब घटकर 7,17,452 हो गई है। मतदाताओं की संख्या में यह कमी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विधानसभा क्षेत्र 289-भिनगा में मतदाताओं की संख्या घटकर 3,40,834 रह गई है। इसी प्रकार, विधानसभा क्षेत्र 290-श्रावस्ती में यह संख्या 3,76,618 हो गई है। सबसे अधिक नाम सपा विधायक इंद्राणी वर्मा के भिनगा क्षेत्र से कटे हैं, जबकि भाजपा का श्रावस्ती क्षेत्र अपेक्षाकृत सुरक्षित रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भिनगा विधानसभा में सर्वाधिक मतदाताओं के नाम हटने से यहां की चुनावी तस्वीर में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा की इंद्राणी वर्मा ने भाजपा के पदम सेन चौधरी को 13,574 मतों के अंतर से हराया था। उस चुनाव में सपा को एक लाख से अधिक वोट मिले थे।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मतदाताओं की यह कटौती किन वर्गों में हुई है, क्योंकि इसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ेगा। श्रावस्ती सीट पर 2022 का चुनाव बेहद करीबी रहा था। इसमें भाजपा के राम फेरन पांडेय ने सपा प्रत्याशी मोहम्मद असलम रायनी को केवल 1,457 मतों के अंतर से हराया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि मतदाताओं की कटौती विपक्षी वोट बैंक में अधिक हुई है, तो भाजपा को लाभ मिल सकता है। वहीं, यदि यह कटौती अन्य वर्गों में हुई है, तो सपा को राहत मिलने की संभावना है।प्रशासन के अनुसार, यह कटौती डुप्लीकेट नामों और गैर-निवासी मतदाताओं को हटाने के कारण हुई है। हालांकि, राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह बदलाव आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
श्रावस्ती में सपा विधायक की सीट पर सर्वाधिक नाम कटे:भिनगा विधानसभा में चुनावी समीकरण बदलने की संभावना, भाजपा क्षेत्र सुरक्षित
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!











