श्रावस्ती जिले के गिलौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लक्ष्मणनगर अचरौरा निवासी मोनू शर्मा अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर गिलौला CHC लाए थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद महिला को लंबे समय तक उचित इलाज नहीं मिला और उसे दर्द में इंतजार करना पड़ा। परिजनों के अनुसार, काफी देर बाद प्रसव कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ ने पहले नवजात के लड़का होने की जानकारी दी और फिर उनसे पैसों की मांग की। परिजनों का दावा है कि मांग पूरी न होने पर लापरवाही बरती गई, जिससे नवजात की मौत हो गई। महिला की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल भिनगा रेफर किया गया। भिनगा जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की मौत गिलौला CHC में ही प्रसव के दौरान हो चुकी थी। महिला का इलाज जिला अस्पताल भिनगा में जारी है। परिजनों ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। चौकी प्रभारी बदला चौराहा संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था। इसके आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची थी, जिसके बाद परिवारजनों की सहमति से बच्चे का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। इस प्रकरण पर गिलौला CHC के अधीक्षक दीपक शुक्ला ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि सीएचसी के पूरे स्टाफ ने निष्पक्षता और मेहनत से प्रसव करवाया। प्रसव के बाद स्थिति नाजुक देखकर महिला को तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर किया गया था। अधीक्षक ने वीडियो में लगाए गए आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए इसे सीएचसी के खिलाफ साजिश करार दिया। यह मामला सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गिलौला CHC में प्रसव के दौरान नवजात की मौत:परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, अस्पताल में हंगामा
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