नवाबगंज क्षेत्र में आम के बौर में ‘लाचा रोग’ का प्रकोप देखा जा रहा है। इस रोग के कारण बागबान चिंतित हैं और कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। यदि रोग पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो इस बार आम की फसल की पैदावार कम होने की आशंका है। नवाबगंज क्षेत्र मलिहाबाद के बाद दशहरी आम की दूसरी सबसे बड़ी पट्टी मानी जाती है। यहां नवाबगंज, मनसुखगांव, पांडोहिया, बड़ेहरा, पिपरहवा, निबिया, नंदा गांव, नव्वागांव, जलालपुर, पीर नसीरुद्दीन, बेलवा भारी, हरिहरपुर, बक्सी गांव, पंडित पुरवा, तुराब गांव, मंडहवा, भगंहर, चनैनी, हसनपुर मस्जिदया और मिर्जा फांटा जैसे कई गांवों में दशहरी आम के बड़े-बड़े बाग हैं। इस वर्ष मौसम के मिजाज के कारण दशहरी आम के बागों में बौर भी कम आए हैं। वहीं, ‘लाचा रोग’ के लगने से आम के बौर पेड़ों पर ही सूखकर खराब हो रहे हैं और गिर रहे हैं, जिससे फसल को भारी नुकसान हो रहा है। आम बागबान वकील अहमद, रशीद अहमद, अब्दुल कादिर खां और बुद्धु यादव ने बताया कि कीटनाशक के छिड़काव के बावजूद यदि ‘लाचा रोग’ पर नियंत्रण नहीं हो सका, तो क्षेत्र में दशहरी आम की पैदावार में भारी कमी आने की उम्मीद है। रशीद अहमद सहित अन्य बागबानों ने यह भी बताया कि यदि क्षेत्र में दशहरी आम की पैदावार कम होती है, तो बाजार में आम की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी।
आम के बौर में लाचा रोग का प्रकोप:बागबान कर रहे कीटनाशक का छिड़काव, पैदावार घटने की आशंका
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