रुधौली: ग्राम प्रधान का ‘विकास’ पोस्ट ही बना भ्रष्टाचार का सबूत! तेलौरा में खड़ंजा निर्माण में मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप.
तेलौरा में घटिया सड़क पर ग्रामीणों का आक्रोश: “क्या यही है विकास? सरकारी पैसे की इस बर्बादी का जवाब कौन देगा?”

🔥 तीखी खबर | विकास के नाम पर ‘खेल’! 🔥
बस्ती/रुधौली:
ग्राम पंचायत मल्हवार के तेलौरा गांव में खड़ंजा सड़क बनने के साथ ही विकास की हकीकत भी उजागर हो गई है। जिस रास्ते के बनने से ग्रामीणों को राहत मिलनी चाहिए थी, वहीं अब वही सड़क भ्रष्टाचार की मिसाल बनती नजर आ रही है।
करीब 3 मीटर चौड़ा यह रास्ता वर्षों बाद चालू तो हुआ, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल ने पूरे काम पर सवालिया निशान लगा दिया है। आरोप है कि मानकों को ताक पर रखकर पीली ईंटों से निर्माण किया गया, जो गुणवत्ता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
हैरानी की बात यह है कि इस कार्य को खुद ग्राम प्रधान ने सोशल मीडिया पर “विकास” के तौर पर पेश किया, लेकिन वही पोस्ट अब भ्रष्टाचार का सबूत बनती जा रही है।
ग्रामीणों में आक्रोश है—
“क्या यही है विकास? क्या इसी तरह उड़ाया जाएगा सरकारी पैसा?”
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदारों पर कब गिरेगी गाज?
इतना ही नहीं, रुधौली विकासखंड के कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा, आरसीसी सड़क, सोलर लाइट और इंटरलॉकिंग कार्यों में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की चर्चाएं आम हो चुकी हैं।
अब देखना यह है—
क्या प्रशासन जागेगा या भ्रष्टाचार की ये ‘सड़क’ यूं ही चलती रहेगी?
👉 जनता पूछ रही है— जवाब कौन देगा?










