आसनसोल/हल्दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के आसनसोल और हल्दिया में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला और राज्य में ‘डबल इंजन सरकार’ बनने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि बंगाल में परिवर्तन की लहर अब ‘पत्थर की लकीर’ बन चुकी है और आगामी चुनाव राज्य के भविष्य को नई दिशा देगा।
आसनसोल में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बर्धमान की जनता का उत्साह इस बात का संकेत है कि पूरा बंगाल बदलाव चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में राज्य के संसाधनों और संभावनाओं पर ‘गुंडों का कब्जा’ हो गया है तथा विकास के बजाय लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि कभी औद्योगिक पहचान रखने वाला आसनसोल-दुगार्पुर क्षेत्र आज उद्योगों के पलायन और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है, जिसके कारण युवाओं को राज्य से बाहर जाना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के समय देश की आय में बंगाल का योगदान करीब 12 प्रतिशत था, जो अब काफी घट चुका है। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी दलों और टीएमसी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इन दलों ने राज्य के विकास को पीछे धकेला है। उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है और अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं।
हल्दिया की जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि निवेश का माहौल डर और ‘सिंडिकेट राज’ से नहीं, बल्कि भरोसे से बनता है, जो केवल भाजपा ही दे सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की ‘कट मनी और कमीशन’ की राजनीति ने उद्योगों और निवेश को प्रभावित किया है। कभी औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र रहा हल्दिया अब ठहराव का सामना कर रहा है, जिससे रोजगार के अवसर कम हुए हैं और युवाओं का पलायन बढ़ा है।
मोदी ने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल के ‘वैभव को पुनर्स्थापित’ करने का चुनाव है। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक कारणों से कई केंद्रीय योजनाओं को लागू नहीं होने दे रही है, जिससे आम जनता को नुकसान हो रहा है।
घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने चिंता जताई और कहा कि यह राज्य की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए चुनौती है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे 23 अप्रैल को मतदान कर राज्य में विकास, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद बंगाल में औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार और कानून व्यवस्था में सुधार होगा तथा राज्य फिर से अपनी पुरानी पहचान हासिल करेगा।











