आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाने के लिए गुरुवार को संसद के सचिवालय को चिट्ठी लिखी है। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा स्पीकर से मांग की है कि जो समय, राघव चड्ढा को AAP के राज्यसभा सदस्य होने की वजह से दिया जा रहा था, वह अब उन्हें न दिया जाए। राघव चड्ढा, पार्टी में अहम पद छिनने के बाद, पहली बार सार्वजनिक रूप से कुछ बोलते नजर आए हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर खामोश करने का आरोप लगाया है।
राघव चड्ढा ने कहा, ‘मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं राज्यसभा में जनता के मुद्दे उठाता हूं। शायद ऐसे मुद्दे उठाता हूं, जिसे आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता है। क्या जनता के मुद्दे उठाना, पब्लिक इश्यू की बात करना अपराध है। मैंने कोई गुनाह कर दिया, कोई गलती कर दी? यह सवाल मैं आज इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय में कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने पर रोक लगा दी जाए।’
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राघव चड्ढा, राज्यसभा सांसद, AAP:-
आम आदमी पार्टी ने संसद को यह सूचित किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो जब बोलता हूं, देश के आम आदमी की बात करता हूं।
राघव चड्ढा ने कहा, ‘एयरपोर्ट पर मिल रहे महंगे खाने की बात रखी, जोमैटो ब्लिंकिट के राइडर्स की प्रॉब्लम रखी। खाने में मिलावट का मुद्दा उठाया। टोल प्लाजा लूट से लेकर बैंक चार्ज लूट की बात की। यहां तक कि मिडिल क्लास पर टैक्स के बोझ से लेकर कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक क्यों की जाती है, टेलीकॉम कंपनियां कैसे 12 महीने में 13 बार हमसे रिचार्ज कराती हैं, डेटा रोल ओवर नहीं देती हैं, रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग रोकती हैं, ऐसे तमाम मुद्दे मैंने सदन में उठाए।’
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राघव चड्ढा, राज्यसभा सांसद, AAP:-
जिन लोगों ने संसद में मेरे बोलने का हक छीन लिया, मुझे खामोश किया, मैं उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वह दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता हूं।
राघव चड्ढा ने कहा, ‘ये मुद्दे उठाने के बाद देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ लेकिन इससे आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ? भला कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा। कोई मेरी आवाज क्यों बंद करना चाहेगा। आप लोग मुझे असीमित प्यार दीजिए। आप मेरा हौसला बढ़ाते हैं। ऐसे ही मैं आपके मुद्दे उठाते रहूंगा। मैं आपसे हूं, आपके लिए हूं।’











