TV Style News Ticker
बड़ी खबर: देशभर में मौसम का बदला मिजाज | सरकार का बड़ा फैसला
BREAKING NEWS
"देखते ही देखते हुआ बड़ा हादसा, कई लोग घायल!" "जिसे समझा आम घटना, निकली खौफनाक साजिश!" "एक गलती और सब कुछ खत्म… देखिए कैसे हुआ हादसा!" "सामने आया चौंकाने वाला सच, सभी रह गए हैरान!" "पुलिस की रेड में हुआ बड़ा खुलासा, उड़े सबके होश!" "मिनटों में आग ने ली विकराल रूप, मचा हड़कंप!" सरकार ने ईंधन कीमतों पर लिया बड़ा निर्णय "जो कभी सोचा नहीं था, वही हो गया… इलाके में सनसनी!" एमएनटी न्यूज़ भारत - देश की आवाज़, आपका विश्वास"
News Sliding Menu
Home क्राइम (Crime) जीते-जी कर ली अपनी ही तेरहवीं! यूपी के राकेश यादव का अनोखा...

जीते-जी कर ली अपनी ही तेरहवीं! यूपी के राकेश यादव का अनोखा फैसला, 1900 मेहमान बुलाए

0
9
WhatsApp Banner

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के लक्ष्मणपुर गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां रहने वाले 65 वर्षीय राकेश यादव ने अपने जीवनकाल में ही अपनी तेरहवीं का आयोजन करने का निर्णय लिया। यह कदम उन्होंने किसी सनक में नहीं, बल्कि गहरे अकेलेपन और भविष्य की चिंता के चलते उठाया।

लगातार अपनों को खोने का दर्द

राकेश यादव के जीवन में दुखों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था। उनके दो छोटे भाइयों में से एक की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई, जबकि दूसरे की हत्या कर दी गई। इन घटनाओं ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया और वे पूरी तरह अकेले रह गए। अविवाहित होने के कारण उन्हें यह डर सताने लगा कि उनके निधन के बाद उनकी अंतिम रस्में कौन निभाएगा।

Also Read: फर्जी IAS की 26वीं बारात…गोरखपुर में प्रीतम कुमार निषाद का वैवाहिक ठगी का खौफनाक खेल

स्वयं की तेरहवीं का आयोजन

इसी चिंता ने उन्हें एक अनोखा निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। राकेश यादव ने खुद ही अपनी तेरहवीं की तैयारी कर डाली। उन्होंने विधिवत निमंत्रण पत्र छपवाए और लगभग 1900 लोगों को भोज के लिए आमंत्रित किया। उनका मानना है कि मृत्यु के बाद कोई उनके नाम पर भंडारा करे, यह निश्चित नहीं है, इसलिए उन्होंने यह जिम्मेदारी खुद ही निभाने का फैसला किया।

सादा जीवन और धार्मिक आस्था

राकेश यादव का जीवन बेहद सादगीपूर्ण है। उन्होंने अपना पैतृक घर एक रिश्तेदार को दान में दे दिया और अब एक छोटी झोपड़ी में रहते हैं। वे धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं और हाल ही में नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक व्रत रखकर पारंपरिक पूजा-अर्चना भी की।

Also Read: प्री-वेडिंग शूट के बहाने रेप…अयोध्या से चौंकाने वाला मामला आया सामने

समाज के लिए एक सोचने वाली घटना

30 मार्च को आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। पूरे गांव में इस घटना की चर्चा हो रही है। राकेश यादव का यह कदम समाज में बढ़ते अकेलेपन और परिवारों के बिखराव की एक मार्मिक तस्वीर पेश करता है, जो लोगों को रिश्तों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर सोचने के लिए मजबूर करता है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)