मेरठ । मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। 33 वर्षीय प्रियंका विश्वास का कंकाल उसके ही घर के कमरे में बिस्तर पर मिला, जबकि उसका पिता उदयभानु विश्वास कई दिनों तक उसी शव के साथ घर में रहा और फिर उसे वहीं छोड़कर Haridwar चला गया।
क्या है पूरा मामला?
प्रियंका विश्वास, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका थीं, लंबे समय से पीलिया (जॉन्डिस) से पीड़ित बताई जा रही थीं। सितंबर 2025 के बाद उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था। पिता उदयभानु के अनुसार, उन्होंने बेटी का इलाज डॉक्टरों के साथ-साथ झाड़-फूंक कराने वाले के पास भी कराया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बेटी की मौत के बाद उदयभानु कई दिनों तक उसी शव के साथ घर में रहे। इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को वह घर में शव छोड़कर हरिद्वार चले गए और वहां करीब चार महीने तक रहे। इस दौरान उन्होंने किसी को भी अपनी बेटी की मौत की सूचना नहीं दी।
कैसे हुआ खुलासा
इस सनसनीखेज घटना का खुलासा तब हुआ जब उदयभानु अचानक मेरठ लौटे। बेगमबाग इलाके में एक चाय की दुकान पर बैठे उन्हें उनके भतीजे विश्वजीत विश्वास ने पहचान लिया। जब विश्वजीत ने प्रियंका के बारे में पूछा तो उदयभानु बार-बार अलग-अलग बातें कहकर टालने लगे—कभी देहरादून तो कभी गाजियाबाद में इलाज की बात कही।संदेह होने पर परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और सख्ती से पूछताछ की। आखिरकार उदयभानु टूट गए और उन्होंने बताया कि प्रियंका का शव घर के अंदर ही है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
घर के अंदर का खौफनाक मंजर
जब पुलिस और परिजन घर पहुंचे तो दरवाजा खोलते ही अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। कमरे में बिस्तर पर प्रियंका का कंकाल पड़ा हुआ था। शव पूरी तरह सड़-गलकर कंकाल में तब्दील हो चुका था, जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस जांच और सवाल
पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति को भी थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।
पिता का कहना है कि उन्हें बेटी की मौत की सही तारीख याद नहीं, लेकिन वह 3-4 दिन तक शव के साथ घर में रहे थे।
पुलिस अब कई अहम पहलुओं पर जांच कर रही
क्या प्रियंका की मौत वास्तव में बीमारी से हुई या इसमें कोई साजिश है?
शव को इतने लंबे समय तक घर में रखने का कारण क्या था?
झाड़-फूंक का इस मामले में क्या रोल है?
पिता ने किसी को सूचना क्यों नहीं दी?
मोबाइल और हरिद्वार कनेक्शन
उदयभानु अपनी बेटी का मोबाइल लेकर हरिद्वार गए थे। उन्होंने बताया कि मोबाइल वहीं एक आश्रम या गेस्ट हाउस में छूट गया। पुलिस अब उन्हें साथ लेकर हरिद्वार जाएगी ताकि मोबाइल बरामद कर जांच की जा सके। मोबाइल डेटा से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
अंतिम संस्कार
शुक्रवार शाम प्रियंका के कंकाल का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद सूरजकुंड श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि खुद पिता ने दी, जिसके बाद वह फिर पुलिस के साथ लौट गए।
इलाके में दहशत
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल है। लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा कि एक पिता अपनी बेटी के शव के साथ इतने दिन तक रह सकता है और फिर उसे छोड़कर चला जाए। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल की फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस रहस्यमयी मौत की असली सच्चाई सामने आ पाएगी।












