राज कुमार गिरी, संवाददाता कुशीनगर : उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने शनिवार देर शाम ISIS से जुड़े संदिग्ध आतंकी रिजवान अहमद को गिरफ्तार कर लिया। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के रायनी मोहल्ला छावनी (ईरानी मोहल्ला) से हुई इस कार्रवाई में उसके पास से बम बनाने का सामान और जिहादी लिटरेचर भी बरामद हुआ है। रिजवान लंबे समय से युवाओं को कट्टरता की ओर भड़का रहा था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ISIS से संपर्क बनाए हुए था।
गिरफ्तारी का समय और स्थान
गिरफ्तारी शनिवार देर शाम की गई। आरोपी रिजवान अहमद कुशीनगर के पडरौना क्षेत्र के रायनी मोहल्ला छावनी में रहता था। संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर लंबे समय से उसकी निगरानी कर रही थी। छापेमारी के दौरान उसके कब्जे से बम बनाने का सामान और आपत्तिजनक जिहादी सामग्री मिली, जो ISIS की गतिविधियों को दर्शाती है।
रिजवान का आपराधिक इतिहास
रिजवान अहमद 2015 से ही ISIS से जुड़ा हुआ था। उस समय ISIS मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 2017 से 2023 तक वह एक ब्लास्ट कांड में जेल में रहा। जेल से रिहा होने के बाद उसने अपनी गतिविधियां जारी रखीं और युवाओं को ब्रेनवॉश करके ISIS की विचारधारा से जोड़ने का काम कर रहा था। मुंबई पुलिस ने भी 2016 में आतंकवाद से जुड़े मामले में उसे गिरफ्तार किया था। वह भारत में ISIS के लिए युवाओं की भर्ती (रिक्रूटमेंट) का प्रमुख काम संभाल रहा था।
दिल्ली पुलिस का वांछित और अंतरराष्ट्रीय संपर्क
रिजवान दिल्ली पुलिस के क्राइम नंबर 80/26 के तहत धारा 4/5 विस्फोटक अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में वांछित था। वह ISIS के एजेंट के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत करता था और भारत में कट्टरपंथी नेटवर्क बनाने में लगा हुआ था। उसके पास से बरामद सामग्री से संकेत मिलता है कि वह बड़े पैमाने पर युवाओं को प्रभावित कर रहा था और संभवतः आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहा था।
संयुक्त अभियान और आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट और यूपी एटीएस की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। गिरफ्तारी के बाद रिजवान को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अपने साथ ले गई है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में उसके अन्य साथियों, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और संभावित साजिशों का खुलासा होने की उम्मीद है।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
यह गिरफ्तारी पूर्वांचल क्षेत्र में ISIS की बढ़ती धमक को रोकने में महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और समन्वय से कई संभावित खतरों को समय रहते नाकाम किया जा सका है। रिजवान जैसे तत्व युवाओं को गुमराह करके देश की सुरक्षा को चुनौती देते हैं, इसलिए ऐसी कार्रवाइयों से समाज को जागरूक करने की भी जरूरत है।
यह घटना आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराती है। जांच एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि ISIS का कोई भी नेटवर्क देश में न फैल सके।












