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‘कुर्सी के डर से जो नोएडा नहीं आए…’, सीएम योगी का अखिलेश यादव पर हमला

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के बीच बयानबाज़ी एक बार फिर तेज हो गई है। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख पर निशाना साधते हुए उनके पुराने ‘अंधविश्वास’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अंधविश्वासों में विश्वास रखते हैं और मुख्यमंत्री रहते हुए नोएडा आने से बचते रहे।

‘अंधविश्वास’ और नोएडा दौरे पर सियासत

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में नोएडा का दौरा नहीं किया, क्योंकि एक धारणा रही है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, वह सत्ता खो देता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज वही लोग राजनीतिक लाभ के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा का दौरा कर रहे हैं, जबकि पहले उन्होंने इस क्षेत्र के विकास में बाधाएं खड़ी की थीं।

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उद्घाटन के बाद केंद्र सरकार का भी हमला

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में नोएडा को ‘लूट का माध्यम’ बना दिया गया था और अंधविश्वास के कारण नेता यहां आने से बचते थे।

अखिलेश यादव का पलटवार और परियोजनाओं पर सवाल

अखिलेश यादव ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने जिन सात हवाई अड्डों का उद्घाटन किया है, उनमें से अधिकांश अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हैं। साथ ही, उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए अंधविश्वास के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि यह केवल राजनीतिक आरोप हैं।

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विकास परियोजनाओं में लागत बढ़ने का मुद्दा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल की परियोजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर की लागत 200 करोड़ से बढ़कर 800 करोड़ हो गई, फिर भी परियोजना अधूरी रही। इसी तरह, गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट की लागत भी 300 करोड़ से बढ़कर लगभग 1400 करोड़ तक पहुंच गई, जिसे उन्होंने सपा के विकास मॉडल का उदाहरण बताया।

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