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जिनके जिगरी दोस्त थे, उन्हें हराया, हंगरी में पीटर मैग्यार सरकार, क्या बदलेगा?


हंगरी की राजनीति में 13 अप्रैल का दिन एक बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया है। पिछले 16 सालों से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर जमे विक्टर ओर्बन को जनता ने सत्ता से बेदखल कर दिया है। हंगरी के लोगों ने ओर्बन की उन नीतियों को पूरी तरह नकार दिया है जिन्हें अक्सर ‘सत्तावादी’ और ‘धुर दक्षिणपंथी’ कहा जाता था। उनकी जगह अब देश की कमान पीटर मैग्यार के हाथों में होगी, जो यूरोपीय संघ (EU) के बड़े समर्थक माने जाते हैं। इस नतीजे ने न सिर्फ हंगरी बल्कि पूरी दुनिया के बड़े नेताओं को हैरान कर दिया है।

45 साल के पीटर मैग्यार की यह जीत सबको हैरान कर देने वाली है। इसकी बड़ी वजह यह है कि पीटर मैग्यार कभी प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के बहुत खास और वफादार साथी हुआ करते थे मगर इस बार उन्होंने ओर्बन का साथ छोड़कर सीधे उनके खिलाफ ही चुनाव लड़ने का फैसला किया। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में कोई बड़ी-बड़ी बातें करने के बजाय उन परेशानियों पर ध्यान दिया जो आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी हैं। मैग्यार ने सरकारी कामों में हो रहे भ्रष्टाचार, अस्पतालों की खराब हालत और बस-ट्रेन जैसी सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा उठाया और जनता को उनकी ये बातें बहुत पसंद आई।

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दुनिया से सुधरेंगे रिश्ते

जब तक विक्टर ओर्बन सत्ता में थे तब तक हंगरी के रिश्ते यूरोपीय संघ (EU) और नाटो (NATO) जैसे बड़े संगठनों के साथ काफी बिगड़ चुके थे। ओर्बन अक्सर इन देशों की बात नहीं मानते थे जिसकी वजह से हंगरी बाकी देशों से कटता जा रहा था और अकेला पड़ रहा था।। पीटर मैग्यार ने जनता से वादा किया है कि वे इन सभी देशों और संगठनों के साथ हंगरी के रिश्तों को फिर से मजबूत बनाएंगे। उनकी इस जीत के बाद यूरोप के कई बड़े नेताओं ने उन्हें बधाई दी है और उनके काम की तारीफ की है।

मैग्यार की बंपर जीत

अगर चुनाव के नतीजों को देखें तो पीटर मैग्यार को बहुत ज्यादा वोट मिले हैं। जब तक 77 प्रतिशत वोटों की गिनती हुई, तब तक मैग्यार की पार्टी (तिस्जा पार्टी) को 53 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल चुके थे। वहीं, प्रधानमंत्री ओर्बन की पार्टी को सिर्फ 38 प्रतिशत वोट ही मिले। यह ओर्बन के लिए बहुत बड़ी हार है क्योंकि लंबे समय से उन्हें कोई हरा नहीं पा रहा था।

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ओर्बन की यह हार पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी खबर है। उन्हें रूस के राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी साथी माना जाता था। ओर्बन ने अपनी हार मान ली है और अब हंगरी में पीटर मैग्यार के साथ एक नई शुरुआत होने जा रही है।

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