भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने रविवार 12 अप्रैल को रेल मंत्री को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने झांसी रेलवे स्टेशन पर हुई एक घटना का जिक्र किया, जिसमें वह अपनी ट्रेन पकड़ने से लगभग चूक गई थीं। उन्होंने यात्री सुरक्षा, खासकर दिव्यांगों, बुजुर्गों और आम यात्रियों के लिए तुरंत सुधार की मांग की है।
उमा भारती ने एक्स पर विस्तार से पोस्ट लिखा। उन्होंने बताया कि वह ट्रेन के आने से काफी पहले स्टेशन पहुंच गई थीं। उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए झांसी रेलवे अधिकारियों ने बैटरी से चलने वाली गाड़ी का इंतजाम किया था लेकिन प्लेटफॉर्म 1 से प्लेटफॉर्म 4 जाते समय एक गुजर रही ट्रेन के कारण उनकी हाथ बैटरी से चलने वाली गाड़ी को रुकना पड़ा। इसके बाद ट्रैक पर एक एक ठेला फंस गया, जिसे उनके सुरक्षा कर्मियों ने हटाया। जब वे प्लेटफॉर्म 4 पर पहुंचीं तो पंजाब मेल ट्रेन चल चुकी थी। उन्होंने लिखा, ‘मैं नहीं जानती कि किसने चेन खींची, लेकिन मैं ट्रेन में बैठ गई थी।’
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सिस्टम की बताई गलती
उमा भारती ने किसी व्यक्ति को दोष नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह झांसी रेलवे अधिकारियों की गलती नहीं है, बल्कि रेल प्रणाली में सिस्टम की कमियों के कारण ऐसा हुआ। सब कुछ शेड्यूल के अनुसार था, फिर भी तीन-चार मिनट बर्बाद हो गए। उन्होंने स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने की सलाह दी ताकि पूरा मामला साफ हो सके।
https://twitter.com/umasribharti/status/2043278973438947663
पहले भी की थी शिकायत
यह पहली बार नहीं है। उमा भारती ने पहले मथुरा स्टेशन पर यात्रियों के प्रति संवेदनशून्यता की शिकायत की थी। अब वे दोनों घटनाओं पर रेल मंत्री से मुलाकात करने वाली हैं।
https://twitter.com/umasribharti/status/2043278973438947663
उन्होंने सबसे ज्यादा चिंता आम यात्रियों को लेकर जताई। उन्होंने लिखा कि मेरी बात छोड़ दें, लेकिन आम लोग, दिव्यांग, बुजुर्ग, भारी सामान वाले यात्री, बच्चों को गोद में लिए महिलाएं ऐसी गड़बड़ियों की शिकार होती हैं। उन्होंने अपील की कि रेलवे को आधुनिक बनाना चाहिए, लेकिन पुरानी व्यवस्थाओं पर भी नजर रखनी चाहिए। उन्होंने रेल मंत्री से कहास ‘इन गड़बड़ियों पर ध्यान दें।’
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