जनपद में जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों की जिम्मेदारी ली है। इस पहल के अंतर्गत कुल 140 अधिकारियों ने बच्चों को गोद लिया है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने 10-10 बच्चों की जिम्मेदारी ली है, जबकि अन्य अधिकारियों ने 5-5 बच्चों को गोद लेकर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी ने गोद लिए गए बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने उन्हें अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा, “प्रशासन हर बच्चे के साथ मजबूती से खड़ा है। किसी भी समस्या की स्थिति में अधिकारी सीधे मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।” योजना के अंतर्गत, अधिकारी नियमित रूप से बच्चों के संपर्क में रहेंगे। वे उनकी शैक्षिक प्रगति, स्वास्थ्य स्थिति और सामाजिक सुरक्षा की निरंतर निगरानी करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों के समन्वय से बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होगी। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
बलरामपुर में 140 अधिकारियों ने गोद लिए जरूरतमंद बच्चे:मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत उठाया संरक्षण का बीड़ा
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