श्रावस्ती जनपद में गेहूं की खड़ी फसलों और फूस के मकानों में हो रही आगजनी की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आगजनी की किसी भी घटना में कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। प्रतिबंध के बावजूद, जिले के कई क्षेत्रों में किसान नियमों की अनदेखी कर खेतों में गेहूं के फसल अवशेष जला रहे हैं, जिससे आग फैलने का खतरा बना हुआ है। बीते कुछ दिनों में जमुनहा, इकौना और भिनगा क्षेत्रों में हुई आगजनी की घटनाओं में सैकड़ों बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। हाल ही में, दामूपुरवा के धैसरा गांव में खेतों में पड़े गेहूं के डंठलों में आग लग गई। आग तेजी से फैलते हुए गांव के करीब पहुंच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 और दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग लगने का कारण (फसल अवशेष जलाना या अज्ञात) अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो सप्ताह में जिले में दो बार हुई बारिश के कारण कई किसानों की खड़ी फसलें भीग गई थीं। किसान अब फसलों के सूखने का इंतजार कर रहे थे और अब मड़ाई का कार्य कर रहे हैं। ऐसे समय में खेतों में जरा सी चिंगारी भी बड़ी आग का रूप ले सकती है। प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे फसल अवशेष में आग न लगाएं। साथ ही, बिजली के उपकरणों और चूल्हों का सावधानी से उपयोग करें। तेज हवाओं के बीच लगी आग न केवल फसलों बल्कि आसपास के मकानों के लिए भी घातक साबित हो सकती है। प्रशासन ने कहा है कि सावधानी ही आग से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।
श्रावस्ती में अब तक सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख:फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद नहीं रुक रहीं गेहूं के अवशेष में आगजनी
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