Shiv sena’s youth dialogue in andheri

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शिवसेना की ओर से अंधेरी विधानसभा क्षेत्र में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने डॉ. श्रीकांत शिंदे से शिक्षा, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्रतियोगी परीक्षाओं, कला क्षेत्र और मराठी भाषा सीखने से जुड़े कई सवाल पूछे। डॉ. श्रीकांत शिंदे ने खुशनुमा और संवादात्मक माहौल में युवाओं के सवालों के जवाब दिए और कहा कि युवाओं को केवल वोट बैंक के नजरिए से नहीं, बल्कि उनके भविष्य के नजरिए से देखना जरूरी है।(Shiv Sena‘s youth dialogue in Andheri)

यह कार्यक्रम शिवसेना के अंधेरी विधानसभा से विधायक मुरजी पटेल द्वारा आयोजित किया गया था जिसमे उदयोग मंत्री उदय सामंत , सांसद रविंद्र वायकर और कई शिवसेना के पदाधिकारी मौजूद थे।

इस दौरान मुरजी पटेल ने कहा कि आज युवा शिवसेना से उम्मीदें लगाए बैठे हैं। उन्होंने डॉ. श्रीकांत शिंदे की संघर्षपूर्ण यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के मन में यह जानने की इच्छा है कि श्रीकांत शिंदे ने किस तरह से कठिन परिस्थितियों में डॉक्टर की पढ़ाई पूरी कर सफलता कैसे हासिल की।

मुरजी पटेल ने कहा कि उन्होंने पार्टी को घर-घर तक पहुंचाने का वादा किया था और शिवसेना को घर-घर तक ले जाने का काम लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि वे जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता हैं और उनके साथ जुड़ने वाले बड़ी संख्या में लोग सामान्य परिवारों और झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोग हैं। उन्होंने डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि रात के दो बजे भी फोन करने पर वे कार्यकर्ताओं का कॉल उठाते हैं।

उदय सामंत ने डॉ. श्रीकांत शिंदे की मेहनत और देशभक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीकांत शिंदे ने अपनी मेहनत के दम पर डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की है और उनके अंदर देशभक्ति की भावना है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि देश पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई दुनिया के सामने रखने की जिम्मेदारी श्रीकांत शिंदे ने निभाई।

जैन जी युवाओं को सिर्फ वोट बैंक के नजरिए से नहीं देखना चाहिए’

डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के साथ सीधे संवाद करना है। उन्होंने कहा कि जैन समुदाय की ओर से जो भी मांगें रखी जाती हैं, सरकार उन्हें गंभीरता से सुनती है और उन पर ध्यान देती है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग जैन जी को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखते हैं और राजनीतिक रूप से उनका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सरकार का उद्देश्य ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि जैन जी युवाओं के भविष्य को लेकर चर्चा होनी चाहिए और यह संवाद केवल एकतरफा नहीं, बल्कि दोनों तरफ से होना चाहिए। युवाओं से यह समझना जरूरी है कि उन्हें अपने भविष्य के लिए क्या चाहिए।

ऑनलाइन शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं पर सवाल

युवाओं ने ऑनलाइन क्लास की महंगी फीस का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सरकार क्या कर सकती है। वहीं एक छात्र ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन क्लास शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे भी बिना महंगी कोचिंग के परीक्षा की तैयारी कर सकें।

डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर इस तरह की कक्षाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी से चर्चा कर हर विधानसभा क्षेत्र में ऐसी कक्षाएं शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।

स्टार्टअप और AI को लेकर युवाओं की उत्सुकता

युवाओं ने स्टार्टअप शुरू करने और AI के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल किए। इसके जवाब में श्रीकांत शिंदे ने कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में महाराष्ट्र देश में आगे है। AI के क्षेत्र में किस तरह काम करना है, इसे लेकर सरकार ने नीति बनाई है और युवाओं को नए अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

कलाकारों को भी मिले सम्मान

एक छात्र ने कलाकारों के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने की मांग की। छात्र ने कहा कि जिस तरह डॉक्टर और इंजीनियर को समाज में सम्मान मिलता है, उसी तरह कलाकारों को भी सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए। इस पर डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि सुझाव पर निश्चित रूप से ध्यान दिया जाएगा। कलाकारों को बेहतर अवसर और सम्मान मिले, इसके लिए काम करने की जरूरत है।

यूपी के युवाओं ने पूछा- मराठी कैसे सीखें?

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से आए एक छात्र ने कहा कि वे मराठी सीखना चाहते हैं और पूछा कि क्या उन्हें मराठी सिखाने की व्यवस्था की जा सकती है। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सिखाने का काम किया जा रहा है और जल्द ही युवाओं के लिए भी इसी तरह की पहल शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।

2014 से पहले और बाद का कार्यकाल खुद समझें’

कुछ लोगों द्वारा जैन जी युवाओं को गुमराह किए जाने के सवाल पर श्रीकांत शिंदे ने कहा कि यह चर्चा का विषय है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलत जानकारी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जैन जी युवा समझदार हैं।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी की बात पर आंख बंद करके विश्वास करने के बजाय खुद जानकारी लें। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह सवाल करना चाहिए कि वर्ष 2014 से पहले का कार्यकाल कैसा था और उसके बाद का कार्यकाल कैसा रहा। दोनों कार्यकालों की तुलना करने के बाद युवाओं को खुद समझ में आ जाएगा कि सही क्या है और गलत क्या है।

युवा संवाद कार्यक्रम के जरिए शिवसेना ने युवाओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने और शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय जानने का प्रयास किया। कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे राजनीतिक संवाद के साथ-साथ युवा-केंद्रित चर्चा का रूप दिया।

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