भारतीय वायु सेना के एक कर्मचारी को पुलिस ने जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कर्मचारी राजस्थान और वायु सेना की इंटेलिजेंस टीमों की कड़ी निगरानी में थी। पकड़े गए शख्स का नाम सुमित कुमार है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला है। वह असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन पर काम कर रहा था। जांच में पता चला है कि सुमित पिछले काफी समय से पाकिस्तानी जासूसों के संपर्क में था और उसे भारतीय सेना से जुड़ी बेहद जरूरी और गोपनीय जानकारियां भेज रहा था।
इस जासूसी मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई जब राजस्थान पुलिस ने जैसलमेर से झबरा राम नाम के एक आदमी को पकड़ा। झबरा राम से जब कड़ी पूछताछ हुई, तो उसने बताया कि वह एक ऐसे गिरोह का हिस्सा है जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के लिए काम करता है। उसी की बातों और बताए गए सुरागों के आधार पर जांच सुमित कुमार तक पहुंची। इसके बाद राजस्थान और एयरफोर्स इंटेलिजेंस ने मिलकर जाल बिछाया और सुमित को असम के डिब्रूगढ़ जिले से पकड़ लिया गया। अब उसे आगे की कार्रवाई के लिए जयपुर लाया गया है।
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वायु सेना के ठिकानों और मिसाइल की जानकारी लीक
जांच में पता चला है कि सुमित कुमार साल 2023 से ही दुश्मनों के साथ जुड़ा हुआ था। उसने वायु सेना के लड़ाकू विमानों की लोकेशन और मिसाइल सिस्टम से जुड़ी गुप्त बातें पाकिस्तानी एजेंटों को बताई थीं। इसके अलावा उसने राजस्थान के बीकानेर और असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात बड़े अधिकारियों के बारे में भी काफी डेटा लीक किया था। सुमित ने अपने नाम से सिम कार्ड लेकर पाकिस्तानी जासूसों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट भी बनवाए थे ताकि वे आसानी से बातचीत कर सकें।
पैसों के लालच में की गई देश से गद्दारी
पुलिस की पूछताछ में सुमित ने कबूल किया है कि उसने यह सब पैसों के लालच में किया था। वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी जासूसों के जाल में फंसा था। शुरुआत में छोटी बातें बताने के बाद वह धीरे-धीरे उन्हें सेना की हर बड़ी गुप्त जानकारी देने लगा। इसके बदले में पाकिस्तानी एजेंट उसे ऑनलाइन पैसा भेजते थे। यह मामला दिखाता है कि कैसे दुश्मन देश सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके सरकारी कर्मचारी को अपना शिकार बना रहे हैं।
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सुमित पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने सुमित कुमार पर जासूसी विरोधी कड़े कानूनों यानी ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और बीएनएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उसे 22 मार्च को जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इस जासूसी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सुमित ने अब तक देश की सुरक्षा से जुड़ी और किचनी जरूरी जानकारियां दुश्मनों तक पहुंचाई हैं।


















