सिद्धार्थनगर में शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वामी विवेकानंद और रानी लक्ष्मीबाई इकाइयों ने संयुक्त रूप से संगोष्ठी, मिस्ड कॉल अभियान और मानव श्रृंखला का आयोजन किया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरविंद कुमार सिंह थे। उन्होंने अधिनियम की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. सिंह ने बताया कि यह अधिनियम भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। प्राचार्य ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण से उनकी प्रतिनिधित्व क्षमता बढ़ेगी और नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने इसे महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया। प्रो. सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अधिनियम महिलाओं को समान अवसर प्रदान कर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं की आवाज़ और अधिक बुलंद होगी, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। प्रो. सिंह ने जोर दिया कि यह अधिनियम भारतीय संविधान की मूल भावना – समानता और न्याय – को साकार करता है। संगोष्ठी के बाद, अधिनियम के समर्थन में मोबाइल नंबर 9667173333 पर मिस्ड कॉल अभियान चलाया गया। इसमें महाविद्यालय के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद छात्राओं ने मानव श्रृंखला बनाकर अधिनियम का स्वागत किया। छात्राओं ने कहा कि इस अधिनियम से उनकी भागीदारी बढ़ेगी और वे नए भारत के निर्माण में सशक्त भूमिका निभाएंगी। इस अवसर पर प्रो. मुकेश कुमार, मीडिया प्रभारी डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, रानी लक्ष्मीबाई इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, स्वामी विवेकानंद इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राम किशोर सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. अजय सिंह, डॉ. शिष्टपाल सिंह और अश्वनी सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
शिवपति कॉलेज में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कार्यक्रम:सिद्धार्थनगर में छात्राओं ने संगोष्ठी, मिस्ड कॉल अभियान और मानव श्रृंखला बनाई
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