HomeGadgetsहर बार एसिडिटी में गोली? न्यूट्रीशन पर पड़ सकता असर

हर बार एसिडिटी में गोली? न्यूट्रीशन पर पड़ सकता असर

आजकल सीने में हल्की जलन या भारीपन होते ही हम तुरंत गैस की दवा खा लेते हैं। यह दवा उस समय तो आराम दे देती है लेकिन लंबे समय तक इसका ज्यादा उपयोग सही नहीं है। हमारे पेट में एक जरूरी एसिड बनता है, जो खाने को पचाने में मदद करता है। बार-बार दवा लेने से यह जरूरी एसिड कम हो सकता है और पाचन पर असर पड़ सकता है। अगर बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं को लंबे समय तक लिया जाए, तो शरीर को अंदर से नुकसान हो सकता है। हाल ही में ब्राजील की फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो के वैज्ञानिकों की एक स्टडी में भी बताया गया है कि इन दवाओं का लगातार इस्तेमाल शरीर में जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन बिगाड़ सकता है।

अगर आपको सामान्य भाषा में समझना तो यह जान लीजिए कि जब आप रोजाना इन दवाओं का सेवन करते हैं तो पेट का pH लेवल बदल जाता है। रिसर्च बताते हैं कि पेट में एसिड की कमी होने से भोजन से मिलने वाले माइक्रोन्यूट्रिएंट्स खून में सही तरह से नहीं मिल पाते। इसका सीधा असर आपकी हड्डियों की मजबूती, मेंटल हेल्थ और एनर्जी के स्तर पर पड़ता है।

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एसिड कम होना क्यों है चिंता की बात?

ये दवाएं पेट में एसिड बनाने वाले एंजाइम को रोक देती हैं। वैसे तो एसिड जलन पैदा करता है लेकिन यही एसिड हमारे खाने से आयरन और जिंक जैसे न्यूट्रिएंट्स को सोखने में शरीर की मदद भी करता है। जब पेट में एसिड बहुत कम हो जाता है तो शरीर खाने से जरूरी पोषण नहीं ले पाता।

रिसर्च के अनुसार, मिनरल्स में कमी का सीधा असर हमारी इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। शरीर की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं जिससे बीमारियों से लड़ने की ताकत घट सकती है।

पेट का एसिड भोजन से B12 को अलग करने में मदद करता है। एसिड कम होने से इसकी कमी हो जाती है, जिससे थकान और नसों में कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर आपके शरीर में कैल्शियम को पूरी तरह से काम करना है तो इसके लिए एसिडिक जरिए की जरूरत होती है।

लंबे समय तक एसिड की दवा लेने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। खून में मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और रेगुलर हर्ट रेट में समस्याएं हो सकती हैं।

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बचाव के तरीके

  • लाइफस्टाइल में बदलाव: एक साथ पूरा खाना खाने के बजाय छोटे-छोटे ब्रेक लेकर खाएं।
  • प्रोबायोटिक्स: दही और छाछ जैसे चीजों को शामिल करें जो नेचुरल तरीके से डाइजेशन को ठीक करते हैं।
  • सोने का समय: रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का अंतर रखें।
  • एसिडिटी की दवाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
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