नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों को नई गति देने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत लैटिन अमेरिकी देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
वार्ता के दौरान व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल टेक्नोलॉजी और कैपेसिटी बिल्डिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी।जयशंकर ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि इक्वाडोर की विदेश मंत्री का भारत का यह पहला दौरा है और इससे दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और इक्वाडोर बहुपक्षीय मंचों पर भी सहयोग को और सुदृढ़ करेंगे।
बैठक के दौरान भारत के नेतृत्व वाले इंटरनेशनल सोलर एलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने की इक्वाडोर की पहल का भारत ने स्वागत किया। इससे पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच ‘क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स’ के लिए फंडिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ है। जयशंकर ने इसे विकास साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया।
इक्वाडोर पहले से ही कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर का सदस्य है, जिससे आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। भारत दौरे के दौरान सोमरफेल्ड ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी यह यात्रा न केवल राजनीतिक बल्कि सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती देने वाली मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत और इक्वाडोर के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने में सहायक साबित होगा।
जयशंकर ने इक्वाडोर की विदेश मंत्री से की मुलाकात,द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा
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