महाराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र में गेहूं की फसल को आग से बचाने के लिए दिन में बिजली कटौती शुरू कर दी गई है। यह कटौती सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक लागू रहेगी, जिसका उद्देश्य तेज हवाओं से होने वाले शॉर्ट सर्किट और आगजनी की घटनाओं को रोकना है।अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक प्रक्रिया है, जिसे फसल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपनाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज हवाओं के कारण बिजली के तार आपस में टकराने से चिंगारियां निकल सकती हैं, जिससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लगने का गंभीर खतरा रहता है।उपाध्याय के अनुसार, फसल कटाई पूरी होने तक दिन में बिजली बंद रखी जाएगी। शाम ढलते ही हवाओं की गति धीमी पड़ने पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। उन्होंने कहा, “गेहूं की फसल और जनहानि को रोकने के लिए यह कदम आवश्यक है। किसानों को हो रही असुविधा का हमें ध्यान है, लेकिन सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।”फरेंदा ब्लॉक में सैकड़ों हेक्टेयर में गेहूं की फसल पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी है। स्थानीय किसान परशुराम ने बताया कि पिछले साल भी ऐसी कटौती हुई थी, जिससे आग की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सका था। उन्होंने कहा कि अब किसान तेजी से कटाई का काम कर रहे हैं।स्थानीय किसान संघ के अध्यक्ष रामप्रकाश सिंह ने स्वीकार किया कि बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित हो रही है, लेकिन फसल बचाना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जिले में इस समय गेहूं का उत्पादन चरम पर है। बिजली विभाग ने किसानों से जल्द से जल्द कटाई पूरी करने की अपील की है।महाराजगंज में पहले भी कई बार आग लगने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इन घटनाओं को देखते हुए विभाग ने पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। यह बिजली कटौती फरेंदा के अलावा आसपास के गांवों में भी लागू की गई है।किसानों को धान की बिजाई के लिए शाम के समय का उपयोग करने की सलाह दी गई है। अधिशासी अभियंता उपाध्याय ने आश्वासन दिया कि गेहूं की कटाई समाप्त होते ही सामान्य बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। जिले के अन्य क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
गेहूं फसल बचाने को के लिए होगा बिजली कटौती:दिन में 9 घंटे बंद रहेगी आपूर्ति, विभाग ने आग से बचाव को किया उपाय
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!










