Homeजिला / लोकल (Local News)तमिलनाडु चुनाव: स्टालिन का इस्तीफा,विजय ने सरकार बनाने का दावा ठोका

तमिलनाडु चुनाव: स्टालिन का इस्तीफा,विजय ने सरकार बनाने का दावा ठोका


विजय ने15 दिन में बहुमत साबित करने का जताया भरोसा

चेन्नई। एम.के. स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में करारी हार के एक दिन बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को भेज दिया। राज्यपाल  न स्टालिन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उनसे नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में पद पर बने रहने का अनुरोध किया है। चुनाव नतीजों में द्रमुक को बड़ा झटका लगा और स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से भी चुनाव हार गए।
इसी बीच, अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) ने सरकार गठन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में विजय को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है, जबकि टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और अभी बहुमत से 10 सीटें पीछे है। ऐसे में विजय ने राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा है और सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया है कि पार्टी 15 दिनों के भीतर आवश्यक समर्थन जुटाकर सदन में बहुमत साबित कर देगी।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं और बहुमत सिद्ध करने के लिए सात से 15 दिनों का समय दे सकते हैं। इस बीच टीवीके अन्य दलों के समर्थन के लिए सक्रिय हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस, जिसने पांच सीटें जीती हैं, ने टीवीके से संपर्क साधा है। हालांकि, बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए और सहयोग की जरूरत होगी।
इसके अलावा अन्नाद्रमुक और उसके सहयोगी दलों से भी समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है। अन्नाद्रमुक गठबंधन के पास कुल 53 सीटें हैं, जिससे समीकरण बदल सकते हैं। साथ ही कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ भी बातचीत जारी बताई जा रही है। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले कदम और विजय की रणनीति पर टिकी है। यदि टीवीके आवश्यक समर्थन जुटाने में सफल रहती है, तो तमिलनाडु में पहली बार विजय के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो सकता है, जो राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत होगा।

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