श्रावस्ती में महिला से सामूहिक दुष्कर्म और जातीय अपमान के मामले में न्यायालय ने चार दोषियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 55,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद आया है। एससी/एसटी न्यायालय ने 01 जून 2026 को थाना सोनवा में पंजीकृत इस मामले में अभियुक्तों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने पाया कि अभियुक्तों ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, विरोध करने पर मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में ओमकार वर्मा पुत्र जानकी प्रसाद, मनोज वर्मा पुत्र रामनरेश वर्मा, सेठ उर्फ ओमकार कश्यप पुत्र धुरई (निवासी तेंदुआ, दा. ककंधू, थाना सोनवा) और हरीश कश्यप पुत्र कन्हैयालाल (निवासी भौवसाय, थाना गिलौला, जनपद श्रावस्ती) शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर महिला संबंधी अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी, पैरोकार और अभियोजन टीम को त्वरित निस्तारण व प्रभावी पैरवी के लिए लगातार निर्देशित किया गया। इस सफलता में मॉनिटरिंग सेल, विशेष लोक अभियोजक, संयुक्त निदेशक अभियोजन, शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकारों का योगदान रहा। ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान की निगरानी अपर महानिदेशक गोरखपुर जोन और पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र द्वारा की जा रही है। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला सुरक्षा और अनुसूचित जाति/जनजाति से जुड़े अपराधों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और दोषियों को कठोर दंड दिलाने के लिए कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
श्रावस्ती में 4 दोषियों को 20-20 साल करवास की सजा:न्यायालय ने महिला से दुष्कर्म, जातीय अपमान मामले में 55-55 हजार लगाया जुर्माना
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