#बस्ती_न्यूज
बस्ती जिले के विक्रमजोत हर्रैया स्थित ग्राम पंचायत शंकरपुर के आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम पर ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान निर्मला देवी ने कुपोषण से जूझ रहे सात बच्चों के परिवारों को ‘पोषण पोटली’ प्रदान की। इस पोटली में दो केले, चना और दूध का एक-एक पैकेट शामिल था। ग्राम प्रधान निर्मला देवी स्वयं केंद्र पर पहुंचीं। उन्होंने गांव में घर-घर जाकर चिन्हित कुपोषित बच्चों को बुलाया और उन्हें पोषण सामग्री वितरित की। हालांकि, इस महत्वपूर्ण सत्र में एएनएम अनुपस्थित थीं। उनकी गैर-मौजूदगी के कारण बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो सका और न ही उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श मिल पाया। इसी तरह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती भी बच्चों की लंबाई और वजन का मापन करने के लिए मौजूद नहीं थीं। सहायिका पूरक पोषण और स्वच्छता की जानकारी देने के लिए गांव में अनुपस्थित पाई गईं। आशा कार्यकर्ती मंजू मौर्य भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं, जिससे गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को जांच और स्तनपान के महत्व से अवगत नहीं कराया जा सका। शंकरपुर गांव में तैनात एएनएम ऊषा रानी से इस संबंध में जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई थी, जिसके कारण वह सत्र में शामिल नहीं हो सकीं। यह ‘पोषण पोटली’ केवल सामग्री का वितरण मात्र नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत के इस संकल्प का प्रतीक है कि गांव का कोई भी बच्चा कुपोषण के कारण अपने शारीरिक और मानसिक विकास से वंचित न रहे।
#बस्ती न्यूज़ टुडे
बस्ती में ग्राम प्रधान ने कुपोषित बच्चों को पोषण पोटली:एएनएम के अनुपस्थित से स्वास्थ्य जांच प्रभावित, जानकारी नहीं थी
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!











