नई दिल्ली: तीन साल से हिंसाग्रस्त मणिपुर में कुछ दिनों की शांति के बाद नगा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा एक बार फिर भड़क उठी है. कुकी इनपी जिरीबाम, तामेंगलोंग और नोनी ने नोनी ज़िले के लेइकोट कुकी गांव में गुरुवार (2 जुलाई) तड़के हुई आगज़नी की घटना की निंदा की है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन का आरोप है कि यह हमला उग्रवादी संगठन एनएससीएन-आईएम ने किया.
संगठन ने कहा कि गांव के वालिंटयर्स ने ‘सीमित संसाधनों और लाइसेंस प्राप्त सिंगल-बैरल बंदूकों’ के सहारे गांव की रक्षा करने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने मोर्टार गोले सहित अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया.
संगठन के बयान के अनुसार, ‘हमले का सामना न कर पाने के कारण गांव के वालिंटयर्स को पीछे हटना पड़ा, जिसके बाद लेइकोट कुकी गांव में आग लगा दी गई और उसे भारी नुकसान पहुंचाया गया.’
संगठन ने नोनी जिले के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा इंतजामों की कमी पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि सुरक्षा में बार-बार हुई चूक के कारण ऐसी घटनाएं दोबारा हो रही हैं. उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और बचाव सुनिश्चित करना सरकार की मुख्य जिम्मेदारी है.
संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से घटना की तत्काल, निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने, दोषियों की पहचान करने तथा उन्हें जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाने की मांग की है.
उसने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो मौजूदा स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है और इसके बुरे नतीजे हो सकते हैं.
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि बुधवार (1 जुलाई) को मणिपुर के कामजोंग ज़िले में भारत-म्यांमार सीमा के पास कम से कम दो आदिवासी गांवों में हथियारबंद लोगों ने कई घरों में आग लगा दी.
कुकी-ज़ो समुदाय की बस्ती, फाइमोल गांव में फूस की छत वाले लगभग 10 घरों में आग लगा दी गई. उन्होंने बताया कि यह गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास चसाड पुलिस स्टेशन से लगभग 45 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है. अधिकारियों ने कहा कि घटना के समय ग्रामीण वहां मौजूद नहीं थे क्योंकि वे एक हफ़्ते से ज़्यादा समय से पास के एक गांव में अस्थायी रूप से शरण लिए हुए थे.
एक अलग घटना में, जिसे जवाबी हमला माना जा रहा है, उग्रवादियों ने उसी ज़िले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कोंगकन थाना और आसपास के इलाकों में भी लगभग आठ घरों में आग लगा दी, जहां तंगखुल नगा समुदाय के लोग रहते हैं. फुंग्यार के विधायक लेशियो केशिंग ने कहा कि कोंगकन थाना इलाके में तंगखुल नगा समुदाय के कम से कम 12 घरों में आग लगा दी गई.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के गांवों में कई घरों में आगजनी की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की ‘विभाजनकारी विचारधारा’ का नतीजा है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मणिपुर सालों से जल रहा है, और आज फिर नफ़रत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए.
गांधी ने कहा, ‘दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है. हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, अनगिनत परिवार उजड़ गए हैं – मणिपुर जिस असहनीय पीड़ा से गुज़र रहा है, उसकी कल्पना भी मुश्किल है.’
उन्होंने कहा, ‘यह मोदी सरकार की उस विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बांटती है. आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश प्रधानमंत्री से संवेदना के दो शब्द की भी उम्मीद छोड़ चुका है, कार्रवाई की बात तो दूर गई. मणिपुर बेहतर का हक़दार है – और इसके लिए भारत जोड़ना ही एकमात्र रास्ता है.’
मणिपुर: फिर हिंसा] आगजनी, राहुल बोले- सरकार की विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा
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