उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गेहूं की कटाई के समय आई इस बारिश ने खेतों से लेकर खलिहानों तक नुकसान की स्थिति पैदा कर दी है। कई जगह खड़ी फसल गिर गई है, जबकि कट चुकी फसल भी भीगकर खराब होने लगी है।
CM योगी ने लिया संज्ञान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलावार रिपोर्ट और त्वरित सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि वे जल्द से जल्द जिलावार रिपोर्ट तैयार करें और यह बताएं कि बारिश से फसलों को कितना नुकसान हुआ है। साथ ही, राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को मिलकर संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नुकसान का सही आकलन हो सके।
फील्ड में जाकर करें वास्तविक स्थिति का आकलन
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और जमीनी हकीकत के आधार पर रिपोर्ट तैयार करें। केवल कागजी कार्रवाई के बजाय वास्तविक स्थिति देखकर ही मुआवजा तय किया जाए, ताकि किसानों को उचित सहायता मिल सके।
24 घंटे में राहत और मुआवजा सुनिश्चित करने का आदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जहां कहीं जनहानि, पशुहानि या कोई घायल हुआ है, वहां 24 घंटे के भीतर राहत और मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीमा और शिकायत प्रक्रिया को लेकर विशेष निर्देश
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नुकसान की जानकारी प्रशासन को दें। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कटाई के बाद खलिहान में रखी फसल को भी 14 दिनों तक बीमा कवर में रखा गया है, जिससे किसानों को राहत मिल सके।
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