लखनऊ। प्रदेश के आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने नये वित्तीय साल अप्रैल 2026 के शुरूआती दौर में अब तक की विभागीय उपलब्ध्यिों को लेकर सोमवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। कहा कि आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड राजस्व एकत्र किया है जिसके तहत विभाग ने 57,722 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9.79 फीसद अधिक है।
वहीं स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल से उत्तर प्रदेश में नई आबकारी नीति लागू हो चुकी है, जिसके तहत पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-लॉटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया जा रहा है। जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का प्रदेश में शराब बंदी का कोई इरादा नहीं है। बताया कि नई नीति के तहत कंपोजिट शराब की दुकानें (जहाँ अंग्रेजी, देसी और बीयर एक साथ मिलें) खोली जा रही हैं और अवैध शराब रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
विदेशी मदिरा की सामान्य श्रेणी में अब 90 एमएल के पैक भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी देश में इथेनॉल का सबसे बड़ा उत्पादक बनकर उभरा है, जिससे गन्ना किसानों को लाभ मिल रहा है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि कंपोजिट माडल से प्रदेश का मदिरा उद्यम व आबकारी विभाग मजबूत हो रहा, और अब तक पूरी तरह रिनुअल प्रक्रिया होने के बाद 2500 दुकानें शेष बची जिनके आवंटन की प्रक्रिया चल रही।
दुकानों के बंद होने की समय सीमा बढ़ाने पर कहा कि अभी ऐसी योजना नहीं, जबकि मौजूदा समय में पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के चलते आने वाले मदिरा के रेट बढ़ने के सवाल पर बोले कि फिलहाल एक साल के लिये आबकारी नीति लागू कर दी गयी, उसी के अनुसार सारा कामकाज होगा।
वहीं ओवररेटिंग, समय बाद दुकानें खुली रहने के सवाल बोले कि चाहे कोइ भी हो वो उन्हें यदि उसका वीडियो फुटेज बनाकर भेज देगा तो वो स्वयं उसकी जमीनी पड़ताल करने मौके पर दल बल के साथ पहुंचेंगे और दोषी पाये जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।











