Homeक्राइम (Crime)प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा लेकिन धरातल पर न तो बारदाना है...

प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा लेकिन धरातल पर न तो बारदाना है और न ही फसल की सुरक्षा के इंतजाम हैं : किसान

चौमुहां। क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया है, तो दूसरी तरफ सरकारी खरीद केंद्रों पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। चौमुहां ब्लॉक के गेहूं खरीद केंद्र बारदाना (बोरों) की कमी के चलते बंद पड़े हैं, जिससे अपनी उपज लेकर पहुँच रहे किसानों को भारी निराशा हाथ लग रही है।

 

 

​खरीद केंद्रों पर ताले लटके होने के कारण किसान अपनी फसल को खुले आसमान के नीचे रखने को मजबूर हैं। खराब मौसम के चलते गेहूं में नमी की मात्रा भी अधिक आ रही है, जिसे केंद्र प्रभारी मानक से बाहर बताकर लेने से कतरा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब केंद्रों पर बारिश से गेहूं को बचाने के लिए तिरपाल या उचित शेड तक की व्यवस्था नहीं मिली।

 

 

उठान न होने से लगा अनाज का अंबार

केंद्रों पर जो थोड़ा-बहुत गेहूं खरीदा भी गया है, उसका अभी तक उठान (परिवहन) नहीं हो सका है। बोरों के ढेर खुले में पड़े हैं, जिन पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। उठान न होने की वजह से केंद्रों पर जगह का भी अभाव हो गया है। किसानों का कहना है कि प्रशासन बड़े-बड़े दावे तो कर रहा है, लेकिन धरातल पर न तो बारदाना उपलब्ध है और न ही फसल की सुरक्षा के इंतजाम। नरेश, मदन गोपाल, प्रताप लबरदार, द्वारिकाधीश, यादव मोहन, सिंह राहुल, कमल, बालकिशन, राजकुमार, ओमप्रकाश, लाखन, सिंह यदि किसानों नें प्रसाशन से बार दाने की मांग की है।


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