#बस्ती_न्यूज
हर्रैया तहसील क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की रोपी गई फसलों के खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। कुछ क्षेत्रों में अभी भी धान की रोपाई जारी है, लेकिन बारिश की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिन किसानों ने समय पर धान की रोपाई कर दी थी, वे अब अपनी पूरी लागत डूबने की आशंका से परेशान हैं। किसान राधिका चौधरी, ओम प्रकाश चौधरी, राम बुझारत, रमेश चौधरी, रघुवर सिंह, विवेक पांडेय और विनय प्रजापति सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि बारिश न होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रति बीघे धान की रोपाई में सात से आठ हजार रुपये तक की लागत आती है, जो अब डूबने के कगार पर है। किसान शिव शंकर शुक्ल ने बताया कि डीजल की बढ़ी कीमतों के कारण पंपिंग सेट से सिंचाई करना बहुत मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से सूखे की स्थिति को देखते हुए किसानों के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
#बस्ती न्यूज़ टुडे
हर्रैया में बारिश न होने से धान की फसल प्रभावित:किसान चिंतित, खेतों में दरारें पड़ने लगीं, लागत डूबने का डर
RELATED ARTICLES












