पामेड़ की बेटियों के सामने पढ़ाई की बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित पामेड़ क्षेत्र में स्कूली छात्राओं को शिक्षा हासिल करने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए स्थायी हॉस्टल नहीं होने के कारण आसपास के कई गांवों की बेटियां रोजाना लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचती हैं। शुक्रवार को पामेड़ क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक छात्राएं टैक्सी से बीजापुर पहुंचीं। छात्राओं ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस
पामेड़ की बेटियों की दर्दनाक पढ़ाई,15-20 किमी पैदल स्कूल पहुंच रहीं छात्राएं, हॉस्टल की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं
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