जगतगुरु रामभद्राचार्य ने मखौड़ा धाम में की घोषणाएं:हरैया में संत सम्मेलन, रामभद्राचार्य ने रखी विकास और नाम पुनर्स्थापना की बात

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मखौड़ा धाम में बुधवार को जगतगुरु रामभद्राचार्य ने पूजा-अर्चना की और क्षेत्र के विकास तथा सांस्कृतिक पुनर्जागरण से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान पावन तीर्थ में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का विशेष वातावरण रहा। जगतगुरु ने मनोरमा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए पिछले सात दिनों से चल रहे सफाई अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं के निरंतर श्रमदान से नदी का स्वरूप स्वच्छ और सुंदर दिख रहा है। उन्होंने अभियान में शामिल सभी युवाओं और जनप्रतिनिधियों को आशीर्वाद देते हुए इसे सेवा और संस्कार का प्रेरक उदाहरण बताया। समाजसेवी एवं भाजपा नेता चंद्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के आह्वान पर स्थानीय युवा रवि पाण्डेय, अमन मिश्रा, राम मूरत यादव और गौरी शंकर सहित कई अन्य युवाओं ने कई दिनों तक लगातार श्रमदान कर नदी की सफाई की। यह पहल अब जनभागीदारी का प्रतीक बन रही है। विधायक अजय सिंह ने बताया कि मंदिर निर्माण को लेकर जगतगुरु रामभद्राचार्य ने घोषणा की कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात राम जन्मोत्सव से पूर्व इसी पावन भूमि पर नौ दिवसीय भव्य रामकथा का आयोजन किया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक अजय सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन मंदिर का कार्य एक सप्ताह के भीतर पुनः प्रारंभ किया जाएगा। अपने संबोधन में जगतगुरु ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि मखौड़ा का प्राचीन नाम “मखपुरम” (मखपुरा) था, जिसे पुनः स्थापित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बस्ती का नाम “वशिष्ठनगर” और बढ़नी मिश्र का नाम “बंधनी” करने का भी सुझाव दिया। इस कार्यक्रम में विधायक अजय सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि परशुरामपुर श्रीश पाण्डेय, विक्रमजोत ब्लॉक प्रमुख के.के. सिंह, भाजपा नेता व समाजसेवी चंद्रमणि पाण्डेय, गौरी शंकर और बलराम गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मखौड़ा धाम में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि इसने स्वच्छता, सांस्कृतिक अस्मिता और क्षेत्रीय पहचान को सशक्त करने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
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