देशभर की मंडियों से गेहूँ की कीमतों को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आ रहे हैं। नई फसल के बाजार में आने से पहले ही गेहूँ के दामों में भारी गिरावट देखी जा रही है, जिससे किसान काफी निराश हैं। एगमार्कनेट पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, मार्च के पहले हफ्ते में गेहूँ की औसत थोक कीमत घटकर लगभग ₹2,458 प्रति क्विंटल रह गई है।
मात्र सात दिनों में ₹107 प्रति क्विंटल की गिरावट
गेहूँ की कीमतों में दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। महज एक हफ्ते पहले गेहूँ की कीमत ₹2,566 प्रति क्विंटल थी, जो अब घटकर ₹2,458 पर आ गई है। इसका मतलब है कि सिर्फ 7 दिनों के भीतर कीमतों में लगभग ₹107 प्रति क्विंटल की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अलग-अलग राज्यों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में 26%, दिल्ली में 10% और महाराष्ट्र में करीब 5% की गिरावट देखी गई है।
एमएसपी (MSP) के नीचे पहुँचा बाजार भाव
सबसे चिंता की बात यह है कि कई मंडियों में गेहूँ का बाजार भाव मौजूदा एमएसपी ₹2,425 प्रति क्विंटल के स्तर तक या उससे भी नीचे पहुँच गया है। यह स्थिति तब है जब अगले रबी मार्केटिंग सीजन (2026-27) के लिए सरकार ने एमएसपी ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जैसे-जैसे मार्च और अप्रैल में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कटाई तेज होगी, मंडियों में आवक बढ़ने से कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।
सरकारी खरीद और बोनस से किसानों को उम्मीद
गिरती कीमतों के बीच किसानों के लिए राहत की उम्मीद अब सरकारी खरीद पर टिकी है। राजस्थान में जल्द ही सरकारी खरीद शुरू होने वाली है, वहीं मध्य प्रदेश में 10 मार्च तक किसानों के आवेदन की प्रक्रिया जारी है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर यह है कि उन्हें एमएसपी के अलावा ₹140 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी फसल का बेहतर दाम मिल सके।


























