शरीर पर 18 गंभीर चोटे, गला घोटा और तोड़ी हड्डियां.. 4 साल के मासूम के साथ लखनऊ में पिता की हैवानियत, बेटे को उतारा मौत के घाट

2

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। यहां चार साल के मासूम बच्चे की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। मामला शहर के Chowk इलाके का बताया जा रहा है, जहां बच्चे का शव घर के बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शुरुआत में पिता ने इसे एक हादसा बताया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद जो खुलासा हुआ उसने पुलिस और परिजनों दोनों को हैरान कर दिया। रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर 18 गंभीर चोटों के निशान, कई हड्डियों के टूटने और गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने बच्चे के पिता और सौतेली मां के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इस घटना ने पूरे शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है और लोग इस क्रूरता को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

लखनऊ के मामले की जांच के दौरान सामने आया कि मासूम का नाम अर्णव था और वह अपनी मां की मौत के बाद नानी के घर रह रहा था। कुछ समय पहले ही उसके पिता ने अदालत से कस्टडी लेकर उसे अपने पास बुलाया था। पिता का दावा था कि वह बेटे की बेहतर परवरिश करना चाहता है। लेकिन पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इस दावे को पूरी तरह झूठा साबित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के शरीर पर कुल 18 चोटों के निशान मिले हैं, जिनमें कई पुराने भी थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बच्चे की कुछ हड्डियां टूटी हुई थीं और अंत में उसका गला दबाकर हत्या की गई। यह खुलासा होने के बाद पुलिस ने पिता भीष्म खरबंदा और उसकी दूसरी पत्नी रागिनी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

ननिहाल पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

अर्णव के ननिहाल पक्ष ने पिता और सौतेली मां पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चे के पिता और सौतेली मां लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहे थे। परिवार के लोगों ने बताया कि जब भी वे बच्चे से बात करने की कोशिश करते थे, तो उन्हें सीधे बात करने नहीं दिया जाता था। कई बार वीडियो कॉल पर सिर्फ बच्चे को दूर से दिखा दिया जाता था लेकिन उसे बोलने नहीं दिया जाता था। ननिहाल पक्ष का आरोप है कि पिता बच्चे के शरीर पर चोट के निशान छिपाने के लिए गर्मियों में भी उसे फुल स्लीव कपड़े पहनाता था। परिवार वालों ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इन चोटों के बारे में पूछने की कोशिश की तो सौतेली मां हर बार कोई न कोई बहाना बना देती थी। उनके अनुसार बच्चे के व्यवहार में भी काफी बदलाव आ गया था और वह पहले की तरह खुश नहीं रहता था।

कस्टडी की लड़ाई और दर्दनाक अंत

जानकारी के अनुसार अर्णव की मां स्वाति की मौत उसके जन्म के कुछ समय बाद ही हो गई थी। इसके बाद वह अपने मामा और नानी के घर रहने लगा था। करीब एक साल बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली। बाद में पिता ने अदालत में बच्चे की कस्टडी के लिए मामला दायर किया और कोर्ट के आदेश के बाद बच्चे को अपने पास ले आया। परिजनों का कहना है कि पिता ने बेहतर परवरिश का वादा किया था, लेकिन बच्चे को घर लाने के बाद उसका जीवन ही खत्म हो गया। घटना के बाद पिता ने अपने साले को फोन करके बताया कि बच्चा बाथरूम में गिर गया था और उसकी मौत हो गई। हालांकि जब परिजन मौके पर पहुंचे तो बच्चे के शरीर पर कई चोटों के निशान देखकर उन्हें शक हुआ। इसके बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि कर दी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस क्रूर वारदात के पीछे असली वजह क्या थी।

Read More-Lucknow: लिव-इन में रह रही प्रेमिका की प्रेमी ने की हत्या, गला दबा कर उतारा मौत के घाट

 

 

 

The post शरीर पर 18 गंभीर चोटे, गला घोटा और तोड़ी हड्डियां.. 4 साल के मासूम के साथ लखनऊ में पिता की हैवानियत, बेटे को उतारा मौत के घाट appeared first on UP Varta News.

Advertisement