मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर दुनियाभर में गैस और तेल की आपूर्ति पर साफ दिखाई दे रहा है। इस संकट की वजह से वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत भी इस प्रभाव से अछूता नहीं रहा है। हालात को संभालने और आवश्यक सेवाओं में बाधा न आने देने के लिए दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की प्राथमिकता सूची जारी की है।
सरकार ने कहा है कि देश में पर्याप्त गैस भंडार मौजूद हैं, लेकिन इस संकट के कारण आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने की जरूरत महसूस की गई। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों और संस्थानों को उनके महत्व और जरूरत के हिसाब से प्राथमिकता दी गई है। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं पर कोई असर न पड़े और बाजार में सिलेंडर की कालाबाजारी जैसी समस्याओं को रोका जा सके।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का प्राथमिकता आधार
दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सिलेंडर वितरण के लिए प्राथमिकता सूची जारी की है। इसके अनुसार:
पहली प्राथमिकता: शैक्षिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे और हवाई अड्डे
दूसरी प्राथमिकता: सरकारी संस्थान और कैंटीन
तीसरी प्राथमिकता: रेस्तरां और भोजनालय
चौथी प्राथमिकता: होटल और गेस्ट हाउस
पाँचवीं प्राथमिकता: डेयरी और बेकरी
छठी प्राथमिकता: कैटरर्स और बैंजेट हॉल
सातवीं प्राथमिकता: ड्राई क्लीनिंग और पैकेजिंग इकाइयां
आठवीं प्राथमिकता: खेल सुविधाएं और स्टेडियम
सिलेंडर मुख्य रूप से 19 किलोग्राम वाले प्रारूप में वितरित किए जाएंगे। प्राथमिकता के आधार पर यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि जरूरी संस्थानों को समय पर सिलेंडर उपलब्ध हो और व्यवसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
अफवाहों पर सरकारी स्पष्टता
मिडिल ईस्ट संकट के कारण एलपीजी और पेट्रोलियम आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पर्याप्त गैस भंडार मौजूद हैं। अधिकारियों ने कहा कि किसी तरह की कमी या कालाबाजारी की खबरें गलत हैं।
हालांकि, शहर के विभिन्न हिस्सों में सिलेंडर की कालाबाजारी और लंबी कतारें देखने को मिली हैं। सरकार ने चेताया है कि गैरकानूनी तरीके से सिलेंडर बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे केवल मान्यता प्राप्त वितरकों से ही सिलेंडर लें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
उपाय और भविष्य की रणनीति
दिल्ली सरकार ने प्राथमिकता सूची के अनुसार वितरण को व्यवस्थित किया है और आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए रूट मैप तैयार किया है। इसके अलावा, नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण की प्रक्रिया भी चल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट संकट के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर है। ऐसे में दिल्ली सरकार का यह कदम संकट से निपटने और आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। प्राथमिकता व्यवस्था न केवल जरूरी संस्थानों को मदद करेगी बल्कि व्यापारिक और उद्योगिक संस्थानों को भी आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सभी उपायों के बावजूद आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और आवश्यक गैस आपूर्ति समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।
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