रिपोर्ट: सुशील शर्मा (मुख्य संवाददाता) रूधौली, 20 जून: शहर के व्यस्ततम रूधौली मार्ग पर सुबह से ही ऑटो-रिक्शा की लंबी कतारें लगने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह सड़क का एक बड़ा हिस्सा केवल ऑटो चालकों के अवैध जमावड़े की भेंट चढ़ गया है। प्रशासन के बार-बार के आश्वासनों के बावजूद, यहाँ न तो कोई ‘नो-पार्किंग ज़ोन’ का पालन हो रहा है और न ही यातायात नियमों की परवाह की जा रही है।
प्रमुख समस्याएँ और चिंताएँ:
अवैध स्टैंड और सड़क पर कब्जा: शहर में निर्धारित ऑटो स्टैंड न होने के कारण चालक सड़कों पर ही मनमाने ढंग से वाहन खड़े कर देते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और पीछे से आ रहे वाहनों को भारी दिक्कत होती है।
पैदल यात्रियों को जान का खतरा: फुटपाथों पर अतिक्रमण और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण पैदल चलने वालों को मजबूरी में मुख्य सड़क पर उतरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
अव्यवस्थित बिजली के तार: सड़क के ऊपर लटकते बिजली के तारों का जाल न केवल शहर की खूबसूरती को बिगाड़ रहा है, बल्कि किसी बड़े हादसे को भी दावत दे रहा है।
प्रशासनिक उदासीनता: स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद, ट्रैफिक पुलिस इन अव्यवस्थित ऑटो कतारों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम रही है।
स्थानीय निवासी का दर्द:
समीप की मार्केट के एक दुकानदार ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया, “सुबह 9 से 11 बजे के बीच यहाँ से निकलना किसी जंग जीतने जैसा है। अगर प्रशासन ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग लेन बना दे, तो हम लोगों को और राहगीरों को काफी राहत मिल सकती है।”
प्रशासन का खोखला आश्वासन: यातायात विभाग ने एक बार फिर आश्वासन दिया है कि जल्द ही नए पार्किंग जोन चिह्नित किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
प्रेस फोटो: रूधौली मार्ग पर यातायात की बदहाल स्थिति



































